





नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजनीति में इन दिनों बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ जहां क्षेत्रीय पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह और टूट की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस के संभावित विलय की चर्चाएं जोरों पर हैं।



शीर्ष नेताओं के बीच बैठकों का दौर

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के बीच दिल्ली में दो अहम बैठकें हुई हैं। राजनीतिक गलियारों में खबर है कि मुश्किल दौर से गुजर रही टीएमसी को अपने पुराने दल यानी कांग्रेस के साथ विलय करने का प्रस्ताव दिया गया है।
अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस संभावित विलय के तहत ममता बनर्जी को कांग्रेस में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (Vice President) और अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव (National General Secretary) का पद देने की पेशकश की गई है। हालांकि, टीएमसी खेमे से इस तरह के किसी भी प्रस्ताव के मिलने की बात का खंडन किया गया है।
पार्टी के बागी गुट का विलय से इनकार
टीएमसी के अंदर मची उथल-पुथल के बीच पार्टी के एक बड़े गुट ने इस विलय का कड़ा विरोध किया है। नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया है कि वे ही ‘असली तृणमूल’ हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास फिलहाल 64 विधायकों का समर्थन है और जल्द ही यह आंकड़ा और बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके गुट से जुड़ा कोई भी सांसद, विधायक, जिला परिषद या नगरपालिका का सदस्य कांग्रेस के साथ विलय नहीं करेगा।
दिल्ली में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पीएम की बैठक
इधर दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां और भी तेज़ हैं। प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई एनडीए (NDA) मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक में शामिल होने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी दिल्ली में मौजूद हैं। इस दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने हाथों से झालमुड़ी बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खिलाई। इसके अलावा, यह भी जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री आज शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस और टीएमसी के इस संभावित कदम पर विपक्षी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा से जुड़े नेताओं ने तंज कसते हुए कहा है कि अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए ये कोशिशें की जा रही हैं। वहीं इंडिया (INDIA) ब्लॉक से जुड़े नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी सिर्फ गठबंधन को मजबूत करने के लिए अपनी पूर्व-निर्धारित बैठकों के सिलसिले में दिल्ली में मौजूद हैं।





