Kn अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा कदम: 10 दिन का अल्टीमेटम, व्यापारी खुद हटा रहे अपनी दुकानें

July 1, 2026 1:24 AM

शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान जोर-शोर से शुरू हो गया है। फुटपाथ और सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बैठे दुकानदारों को 10 दिन का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। प्रशासन की ओर से साफ निर्देश है कि तय समय के भीतर दुकानें नहीं हटाई गईं, तो बुलडोजर चलाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के बाद खौफ में आए दुकानदार रातों-रात खुद ही अपनी दुकानें तोड़कर सामान हटाने लगे हैं।

​बस स्टैंड के पास दिखा सबसे ज्यादा असर

यह पूरा मामला शहर के सेंट्रल बस स्टैंड से सटे इलाके का है। यहां मुख्य सड़क और बस स्टैंड के निकास द्वार के पास लगभग 15 से ज्यादा दुकानें चल रही थीं, जिनमें खाने-पीने के होटल, मिठाई की दुकानें और चाय के स्टॉल शामिल थे। ये सभी दुकानें लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन और जल निकासी नालियों के ऊपर अवैध रूप से बनी हुई थीं।

​दुकानदारों की परेशानी और प्रशासन का सख्त रुख

कई दुकानदारों का दावा है कि वे पिछले 40 से अधिक वर्षों से यहां व्यापार कर रहे थे और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्हें नाले के ऊपर छोटी दुकान लगाने की अनुमति दी जाए या कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। लेकिन, अधिकारियों ने किसी भी तरह की रियायत देने से साफ इनकार कर दिया है और जगह को पूरी तरह से खाली करने का आदेश दिया है। इसके चलते कई लोगों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इन दुकानों में काम करने वाले कई कर्मचारी भी अचानक बेरोजगार हो गए हैं।

​अतिक्रमण मुक्त करने का लक्ष्य

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह अतिक्रमण हटाओ अभियान सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य फुटपाथों और नालियों को अतिक्रमण मुक्त करना है, ताकि जलभराव की समस्या खत्म हो और आम लोगों को चलने में परेशानी न हो। सड़कों के किनारे अवैध कब्जे के कारण रास्ते संकरे हो गए थे, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे थे।

​स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर स्थानीय नेताओं का कहना है कि शहर के विकास और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण बेहद जरूरी है। फुटपाथों पर अतिक्रमण से आम लोगों को भारी परेशानी होती है। हालांकि, उनका यह भी सुझाव है कि इस कार्रवाई में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए और जिन छोटे व्यापारियों का रोजगार छिना है, उनके पुनर्वास (Rehabilitation) की उचित व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

​फिलहाल, इस सख्त कार्रवाई के बाद शहर के अन्य इलाकों के फुटपाथ दुकानदारों में भी दहशत का माहौल है और प्रशासन पूरे शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी में है।

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