






कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए पार्टी के पारंपरिक चुनाव चिन्ह ‘जोड़ा फूल’ (घास पर दो फूल) और मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ को दोनों पक्षों के लिए अस्थायी रूप से फ्रीज (निलंबित) कर दिया है।


आयोग ने दोनों धड़ों—ममता बनर्जी गुट और रितब्रत बनर्जी गुट—को निर्देश दिया था कि वे आगामी उपचुनावों के मद्देनजर अपनी प्राथमिकता के आधार पर नए नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प आयोग को सौंपें। दोनों पक्षों के प्रस्तावों की समीक्षा के बाद निर्वाचन आयोग ने दोनों खेमों के लिए नए नाम और नए चुनाव चिन्ह आधिकारिक रूप से आवंटित कर दिए हैं।

दोनों गुटों को क्या मिले नए नाम और चुनाव चिन्ह?
1. रितब्रत बनर्जी गुट (नव तृणमूल):
नया दलगत नाम: डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (Democratic Trinamool Congress)
आवंटित चुनाव चिन्ह: लिफाफा / खाम (Envelope)
इस गुट ने अपनी प्राथमिकता सूची में तीन नाम—’नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस’, ‘वेस्ट बंगाल तृणमूल कांग्रेस’ और ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ भेजे थे। चुनाव आयोग ने पहले दो नामों को तकनीकी कारणों (पूर्व पंजीकरण इतिहास) के चलते अस्वीकार करते हुए तीसरे विकल्प को मंजूरी दी। चुनाव चिन्ह के लिए इन्होंने पेंसिल बॉक्स, लिफाफा और टॉर्च का विकल्प दिया था, जिसमें से आयोग ने इनकी पहली पसंद ‘लिफाफा’ को मंजूरी दी।
2. ममता बनर्जी गुट:
नया दलगत नाम: ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (Mamata All India Trinamool Congress)
आवंटित चुनाव चिन्ह: फुटबॉल खिलाड़ी (Football Player)
लगभग 28 वर्षों से ‘जोड़ा फूल’ चिन्ह के साथ चुनावी मैदान में उतरने वाले इस गुट को अब आगामी उपचुनावों में ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चिन्ह के साथ जनता के बीच जाना होगा।
उपचुनावों में होगी सीधी परीक्षा
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था आगामी विधानसभा उपचुनावों (विशेष रूप से नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों) को ध्यान में रखते हुए अंतरिम तौर पर की गई है। आयोग ने राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को निर्देश जारी कर संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अफसरों को तत्काल प्रभाव से इन नए नामों और प्रतीकों को लागू करने का आदेश दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
फैसले के बाद रितब्रत बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति-केंद्रित व्यवस्था के खिलाफ लोकतांत्रिक और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को स्थापित करने की है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा दिए गए नाम और चिन्ह के साथ उनके कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं, ममता गुट को मिले ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह और दोनों पक्षों के नए समीकरणों को लेकर राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।






