






क्षेत्र में एक प्रमुख राजनीतिक दल के भीतर आंतरिक गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में डेबरा विधायक शुभाशीष ओम सहित करीब सात कार्यकर्ता घायल हो गए हैं। घटना के बाद विधायक को स्थानीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर पर पट्टी बांधी गई है। वहीं, दूसरे पक्ष के भी कई घायल कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती हुए हैं। दोनों ही पक्षों ने स्थानीय थाने में एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।


सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में पार्टी के दो प्रमुख गुटों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। एक पक्ष संगठनात्मक नेतृत्व से जुड़ा है, तो दूसरा पक्ष विधायक के समर्थकों का है। हाल ही में एक रावण दहन उत्सव के आयोजन को लेकर यह विवाद और अधिक गहरा गया।

विधायक का आरोप है कि पार्टी के ही कुछ कार्यकर्ता इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध (वसूली) चला रहे हैं। उनका दावा है कि हाल ही में एक धार्मिक आयोजन के नाम पर स्थानीय बाजारों और दुकानों से 20 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई है। विधायक के अनुसार, जब वे ग्राम पंचायत क्षेत्र में (भ्रष्टाचार) और कटमनी की शिकायतों की पड़ताल करने पहुंचे, तो वहां विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पहले एक कार्यकर्ता के साथ (हाथापाई) हुई, जिसके बाद थाने से निकलते समय विधायक और उनके समर्थकों पर भी (हमला) किया गया।
दूसरी ओर, विरोधी गुट के नेताओं ने विधायक और उनके समर्थकों पर (मारपीट) करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की है।
घटना की सूचना मिलने पर पार्टी के संगठनात्मक जिलाध्यक्ष सौमेन तिवारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत थी, तो उसे सार्वजनिक रूप से उछालने के बजाय दल उठाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दे दी गई है और वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।





