






राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा योजना’ को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। योजना के तहत प्रति माह मिलने वाली ₹3000 की वित्तीय सहायता में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी कर लाभार्थियों की सूची की विस्तृत जांच करने को कहा गया है।


सिर्फ कागजात नहीं, मौके पर जाकर होगी जांच

प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, सत्यापन केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फील्ड वेरिफिकेशन (जमीनी जांच) के जरिए सही और पात्र महिलाओं की पुष्टि की जाएगी। विशेष रूप से इस बात की गहन समीक्षा की जाएगी कि सूची में कोई सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता (Taxpayer) या मृत व्यक्ति का नाम तो शामिल नहीं है। यदि कोई अपात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ लेते पाया जाता है, तो उसका नाम तत्काल प्रभाव से सरकारी पोर्टल पर चिन्हित कर हटाया जाएगा।
आधार और बैंक खातों की समस्याओं का त्वरित समाधान
जांच प्रक्रिया के साथ-साथ सरकार ने उन पात्र महिलाओं को भी राहत देने का निर्देश दिया है, जिनके बैंक खातों में तकनीकी कारणों से राशि नहीं पहुंच सकी है। जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि जिन लाभार्थियों के पैसे आधार लिंक न होने या बैंक संबंधी किसी विसंगति के कारण अटके हैं, उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए ताकि वैध लाभार्थियों को उनका हक मिल सके।
नवंबर महीने की किस्त को लेकर क्या है स्थिति?
दुर्गा पूजा के दौरान अक्टूबर महीने में करीब 1 करोड़ 32 लाख महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत ₹3000 की सहायता राशि प्राप्त हुई थी। त्योहारों के इस मौसम—काली पूजा, दिवाली और छठ के बीच—लाभार्थियों की नजर अब नवंबर महीने की किस्त पर टिकी है। हालांकि आमतौर पर महीने के दूसरे सप्ताह या अंतिम पखवाड़े तक राशि खातों में हस्तांतरित की जाती रही है, लेकिन नवंबर की निश्चित तारीख को लेकर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि जारी सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र लाभार्थियों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।





