ग्रुप-डी और ग्रुप-सी भर्ती में नंबरों के गणित पर बवाल: 40 अंकों की परीक्षा में मिले 45 नंबर, नौकरी के दावेदारों ने उठाए सवाल

November 7, 2026 2:40 PM

स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा ग्रुप-सी और ग्रुप-डी भर्ती प्रक्रिया के तहत इंटरव्यू की संभावित सूची जारी करते ही विवाद खड़ा हो गया है। जारी की गई सूची में अंकों के वितरण को लेकर अभ्यर्थियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि 40 अंकों की लिखित परीक्षा में कई उम्मीदवारों के प्राप्तांक 45 तक पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, कई उम्मीदवारों का आरोप है कि लिखित परीक्षा में 60 से 63 अंक हासिल करने के बावजूद उन्हें इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया।

​पदों की तुलना में पांच गुना से अधिक पूर्ण अंक पाने वाले अभ्यर्थी

आंकड़ों के अनुसार, चार क्षेत्रीय केंद्रों (ज़ोन) में ग्रुप-डी पद के लिए सामान्य वर्ग की रिक्तियों की तुलना में लिखित परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पांच गुना से भी अधिक दर्ज की गई है।

​सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, पूर्व में नौकरी गंवाने वाले ‘योग्य’ शिक्षाकर्मियों के लिखित परीक्षा के अंकों के साथ उनके कार्य अनुभव (एक्सपीरियंस) के अंक भी जोड़े गए हैं। इसी वजह से 40 अंकों की परीक्षा में अनुभव के अंक जुड़ने के बाद कई अभ्यर्थियों के कुल अंक 45 तक पहुंच गए हैं।

​ज़ोन-वार आंकड़ों की स्थिति

आयोग द्वारा जारी संभावित सूची के मुताबिक:

​चारों ज़ोन मिलाकर सामान्य श्रेणी में ग्रुप-डी के कुल 19,910 पद हैं, जबकि 40 में से 40 अंक पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या 98,231 तक पहुंच गई है।

​पूर्वी क्षेत्र: 363 पदों के मुकाबले 40 या उससे अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवार 1,112 हैं।

​दक्षिणी क्षेत्र: 1,913 पदों के लिए 1,252 उम्मीदवारों ने यह अंक हासिल किए।

​पश्चिमी क्षेत्र: 733 पदों के मुकाबले 1,658 अभ्यर्थी 40 या उससे ज्यादा अंक पाने में सफल रहे।

​उत्तरी क्षेत्र: 6,616 पदों के मुकाबले 5,528 उम्मीदवारों ने 40 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए।

​ग्रुप-सी पदों पर भी भारी संख्या में इंटरव्यू कॉल

ग्रुप-डी के साथ-साथ ग्रुप-सी पदों के लिए भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5,488 पदों के लिए लगभग 27 हजार अभ्यर्थियों को इंटरव्यू का बुलावा भेजा गया है। वहीं, एक अन्य श्रेणी में 2,981 पदों के लिए 11 हजार अभ्यर्थियों को इंटरव्यू सूची में शामिल किया गया है।

​आयोग की सफाई और अभ्यर्थियों का गुस्सा

आयोग का कहना है कि लिखित परीक्षा काफी कठिन थी और नियमों के अनुसार ही पूर्ण अंकों के साथ अनुभव के अंक जोड़े गए हैं, इसमें किसी प्रकार की विसंगति नहीं है।

​दूसरी ओर, नौकरी के कई दावेदारों का कहना है कि शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के अंक जुड़ने के बाद भी पारदर्शिता को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। 60 से 63 अंक लाने के बावजूद बुलावा न मिलने से योग्य उम्मीदवारों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है।

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