





राज्य के पंचायत एवं नगर विकास मंत्री दिलीप घोष ने खड़गपुर नगर पालिका में एक प्रशासनिक बैठक के बाद आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हवा और पानी को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता, उसी तरह भ्रष्टाचार पर भी पूरी तरह से लगाम लगाना मुश्किल है, लेकिन इसे रोकने के लिए आम जनता और मीडिया के सहयोग की सख्त आवश्यकता है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उन्हें समाज के सामने बेनकाब किया जाना चाहिए। दिलचस्प बात यह रही कि जहां एक ओर टेंडर भ्रष्टाचार के आरोपी कुछ ठेकेदारों ने दिलीप बाबू को फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के आरोपी पार्षदों को इस प्रशासनिक बैठक में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। मंत्री ने जनता को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वे कहीं भी भ्रष्टाचार देखते हैं, तो सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज करें; शिकायत मिलने पर प्रशासन निश्चित रूप से उचित कार्रवाई करेगा।



इसके अलावा, शनिवार की सुबह तालझोली में आयोजित चाय पर चर्चा के दौरान खड़गपुर की कानून-व्यवस्था और गुंडागर्दी पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री ने कहा कि इलाके में गुंडे और माफिया आतंक मचा रहे हैं और पुलिस के साथ मिलकर काम करते रहे हैं, लेकिन अब पुलिस ने उनके खिलाफ धरपकड़ शुरू कर दी है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि जो कोई भी लूटपाट, हत्या या गुंडागर्दी में शामिल होगा, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता, पार्षद या उनकी अपनी ही पार्टी का व्यक्ति क्यों न हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सीधा जेल भेजा जाएगा। दिलीप घोष ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे राजनीतिक नेताओं के दबाव वाले किसी भी फोन कॉल पर ध्यान न दें और निष्पक्ष कार्रवाई करें। उन्होंने इलाके की गंभीर समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि व्यापारियों से बंदूक की नोक पर जबरन वसूली की जाती है, घर लौटते समय लोगों को लूटा जाता है और दुकानों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन गैरकानूनी गतिविधियों और फैक्ट्रियों से होने वाली अवैध वसूली में पूर्व चेयरमैन और पार्षदों का हाथ है, और अब ऐसे किसी भी अपराधी को रियायत नहीं दी जाएगी।







