






कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। हालिया चुनावी घटनाक्रमों के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य की नई कैबिनेट में किन चेहरों को शामिल किया जाएगा। सूत्रों के हवाले से एक संभावित सूची सामने आई है, जिसमें अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।



कैबिनेट के संभावित प्रमुख चेहरे


प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ और युवा नेताओं के नामों पर विचार किया जा रहा है। संभावित सूची में जो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं, उनमें शामिल हैं:
अग्निमित्रा पॉल
रूपा गांगुली
स्वपन दासगुप्ता
दिलीप घोष
अजीत कुमार जाना
शंकर घोष
इंद्रनील खाँ
रुद्रनील घोष
इसके अलावा, तापस राय को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। सूची में सुब्रत ठाकुर, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, रथींद्रनाथ बसु और सजल घोष जैसे नामों की भी चर्चा है।
चयन के पीछे का मुख्य आधार
सूत्रों का कहना है कि इस संभावित सूची को तैयार करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा गया है:
क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: राज्य के सभी अंचलों (उत्तर से दक्षिण तक) को मंत्रिमंडल में जगह देने की कोशिश की गई है।
जातीय समीकरण: समाज के हर वर्ग, विशेषकर जनजातीय समुदायों से प्रतिनिधियों को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
योग्यता और शिक्षा: महत्वपूर्ण विभागों को संभालने के लिए शिक्षित और अनुभवी चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी
खबरों के मुताबिक, आगामी 9 तारीख को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस दिन मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के कुछ चुनिंदा सदस्य भी शपथ ले सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह सूची अभी पूरी तरह से अंतिम नहीं है। अंतिम समय में कुछ नए नाम जोड़े जा सकते हैं या वर्तमान नामों में बदलाव भी संभव है।
फिलहाल, इन नामों को लेकर राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच काफी हलचल है और आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।






