





बंगाल के निवर्तमान पौर मंत्री फिरहाद हाकीम ने प्रदीप सरकार के समर्थन में खड़गपुर के ईदगाह में आयोजित जनसभा में दिलीप घोष पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार जो उम्मीदवार यहां बने हैं, वे पहले यहां से सांसद थे, उन्होंने अचानक उन्हें यहां से भगा दिया, दुर्गपुर भेज दिय और अब वे कह रहे हैं कि जिनके नाम छूट गए हैं वे देशद्रोही हैं। मैं कह रहा हूं कि वे देशद्रोही नहीं हैं। आप देशद्रोही हैं। जो लोग संविधान को नहीं मानते, संविधान कहता है कि अठारह साल से ऊपर के हर भारतीय को वोट देने का अधिकार दिया जाना चाहिए। आपने SIR के ज़रिए, इलेक्शन कमीशन के ज़रिए वोट देने का वो अधिकार छीन लिया है, इसलिए आप देशद्रोही हैं, जिन्होंने वोट देने का अधिकार खो दिया है, वो देशद्रोही नहीं हैं। इसी वोटर लिस्ट से 2024 में चुनाव हुए थे, तो अब इतने सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं? प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सब पसंद करते थे, लेकिन नरेंद्र मोदी की तुलना शोले फ़िल्म के विलेन गब्बर सिंह से करते हुए उन्होंने कहा, “लंगा देखो, ये प्रधानमंत्री की भाषा है।” हमारे मुख्यमंत्री जो लड़ाई लड़ रहे हैं, वो जीतेंगे। वो चार्जशीट दे रहे हैं, पुलिस चार्जशीट देती है, एजेंसियां चार्जशीट देती हैं। BJP तृणमूल को चार्जशीट दे रही है। हम सही समय पर इसका जवाब देंगे। अमित शाह जी, आप 72 दिन जेल में थे, CBI ने आपको दो गोलीकांड और दो हत्याओं के आरोप में गिरफ़्तार किया, CBI ने आपको क्लीन चिट दे दी क्योंकि मोदी जी प्रधानमंत्री बन गए। आपको चार्जशीट मिलनी चाहिए। चार्जशीट कहाँ गई, अमित शाह, जवाब दें। डबल इंजन सरकार के राज्य में बंगाली बोलने वाले प्रवासी मज़दूरों को पीट-पीटकर मारा जा रहा है। हम भारतीय बंगाली हैं, हम बांग्लादेश के बंगाली नहीं हैं। पार्क स्ट्रीट के अपराधी, मुनाफाखोर अपराधी सभी जेल में हैं। हम चाहते थे कि उन्हें फांसी हो। उन अपराधियों को फांसी नहीं हुई क्योंकि यह केस CBI को दे दिया गया था। जंगलमहल के आदिवासी चींटी के अंडे और पत्ते खाते थे, अब मुख्यमंत्री के विकास की वजह से वे दिन में दो बार खाना खा रहे हैं और अच्छे से जी रहे हैं। मुख्यमंत्री सिर्फ कुछ लोगों के हितों का ध्यान नहीं रख रहे हैं, वे जाति और धर्म की परवाह किए बिना सभी के विकास के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने मोदी को बब्बर शेर कहकर तंज कसा।











