





पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मतगणना (Counting) से ठीक पहले फेसबुक पर एक वीडियो संदेश साझा कर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग, नेशनल मीडिया और बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है।



चुनाव आयोग और पुलिस की भूमिका पर सवाल:

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर बंगाल पुलिस ने महिलाओं पर अत्याचार किया है। उन्होंने कहा, “जिस तरह से चुनाव आयोग के आदेश पर बंगाल की महिलाओं के साथ व्यवहार किया गया, वह अत्यंत निंदनीय है।” मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था में बाहरी हस्तक्षेप और पक्षपात का परिणाम बताया।
शेयर बाजार और नेशनल मीडिया पर गंभीर आरोप:
एग्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि ये आंकड़े वास्तविकता से कोसों दूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि:
•मीडिया का दुरुपयोग: नेशनल मीडिया का उपयोग बीजेपी की जीत का माहौल बनाने के लिए किया गया।
•शेयर बाजार में हेरफेर: मुख्यमंत्री के अनुसार, शेयर मार्केट में धस (गिरावट) को रोकने के लिए जानबूझकर फर्जी आंकड़े और भाजपा की प्रचंड जीत का प्रचार किया गया, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
उम्मीदवारों को ‘स्ट्रंग रूम’ की सुरक्षा का निर्देश:
राज्य की सभी 294 सीटों (विधानसभा संदर्भ) या लोकसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा:
“मैं सभी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से आह्वान करती हूँ कि वे मतगणना के दिन तक स्ट्रॉन्ग रूम (Strong Room) पर कड़ी नजर रखें। कोई भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। मैं खुद भवानीपुर में इस जिम्मेदारी को संभाल रही हूँ।”
विपक्ष की रणनीति:
ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वह इन नतीजों को स्वीकार नहीं करेंगी यदि इनमें कोई गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने अपने समर्थकों को “अंतिम समय तक लड़ने” और ईवीएम (EVM) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया है।






