




पश्चिम बंगाल में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शिक्षकों व कर्मचारियों के हित में सरकार की ओर से कई अहम कदम उठाए गए हैं। हाल ही में जारी किए गए एक घोषणा पत्र के अनुसार, राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई बड़ी पहलों को मंजूरी दी गई है। इस पत्र में शुभेंदु अधिकारी (मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल) का संदेश है, जिसमें उन्होंने कहा है, “शिक्षा ही प्रगति की मूल कुंजी है। हम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


सरकार द्वारा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:

स्कूलों के लिए भारी अनुदान: राज्य के 80,000 से अधिक स्कूलों के लिए कंपोजिट ग्रांट (समग्र अनुदान) के रूप में 296 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, राज्य के 800 स्कूलों को ‘पीएम श्री’ (PM SHRI) स्कूलों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को 2 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा।
बंपर शिक्षक भर्ती: बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। आगामी वित्तीय वर्ष के भीतर ही राज्य में 1 लाख नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
पैरा-टीचर्स के भत्ते में वृद्धि: पैरा-टीचर्स (Para Teachers) के मानदेय में बड़ी वृद्धि की गई है। अगले महीने यानी अगस्त से ही उनके भत्ते में 5000 रुपये से अधिक की मासिक वृद्धि लागू हो जाएगी।
कर्मचारियों को बढ़ा हुआ DA: पश्चिम बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों को दुर्गा पूजा की छुट्टियों से पहले एक बड़ा तोहफा मिलेगा। सभी कर्मचारियों को सितंबर महीने के वेतन के साथ बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा।
ओबीसी नियुक्ति पर फैसला: ओबीसी (OBC) श्रेणी के आरक्षण और नियुक्ति को लेकर सरकार ने अंतिम निर्णय ले लिया है। अब राज्य में आगे की सभी भर्तियां इसी नए निर्णय के अनुसार की जाएंगी।
इन सभी पहलों का मुख्य उद्देश्य राज्य में शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा देना और शिक्षकों तथा सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।






