




मेदिनीपुर: देश से अंग्रेजों के जाने के कई दशकों बाद भी उनकी कुछ निशानियां आज भी देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद हैं। ऐसी ही एक निशानी पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में भी देखने को मिलती है, जहाँ जिले के जिलाधिकारी (DM) का आधिकारिक बंगला आज भी ब्रिटिश काल के नाम ‘हेस्टिंग्स हाउस’ (Hastings House) के नाम से जाना जाता है।


लेकिन अब इस औपनिवेशिक काल के नाम को हटाने की कवायद शुरू हो गई है। मेदिनीपुर के विधायक शंकर कुमार गुछैत ने पदभार संभालने के बाद इस दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने जिलाधिकारी को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर बंगले का नाम बदलने की औपचारिक मांग की है।

विधायक ने अपने पत्र में प्रस्ताव दिया है कि ‘हेस्टिंग्स हाउस’ का नाम बदलकर महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान में ‘शहीद खुदीराम बोस भवन’ रखा जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गुलामी के प्रतीक को हटाकर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत को उचित सम्मान देना है। वर्तमान में यह विषय स्थानीय प्रशासन और लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।







