आईआईटी में फर्जी नियुक्ति मामले के मुख्य आरोपी विक्की हाजारी गिरफ्तार, ट्रांजिट रिमांड में ले खड़गपुर ले आई पुलिस

281
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

खड़गपुर, आईआईटी में फर्जी नियुक्ति मामले के मुख्य आरोपी विक्की हाजारी को अलीपुरद्वार से गिरफ्तार किया गया सोमवार को खड़गपुर शहर थाना पुलिस ट्रांजिट रिमांड में ले खड़गपुर ला पूछताछ कर रही है। ज्ञात हो कि अलीपुरद्वार जिले के शामूकतला थाना के शिवकाटा गांव के रहने वाले विक्की हाजारी ही आईआईटी में नौकरी देने के नाम पर लोगों को फंसा कर खड़गपुर लाया था। पुलिस विक्की के एक अन्य साथी शुभाशीष दास को भी तलाश रही है। ज्ञात हो कि एक सप्ताह पहले इंदा के होटल में पुलिस के पहुंचने वक्त विक्वी व देबाशीष वहां से फरार हो जाने में कामयाब हो गए थे हांलाकि पुलिस चार लोगों को गिरफ्तार करने में सफल रही थी। पुलिस रबि शंकर दास, दीनेश नगर के अभिजीत दास, सागर कुमार राउत व तपन ज्योति मान्ना से को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में लैब तकनीशियन, सेक्युरिटी आफिसर बनाने के नाम फर्जी नियुक्ति पत्र देने व लाखों रु वसूली के लिए जान से मारने की धमकी के आरोप में पुलिस बीते मंगलवार को आशीर्वाद लाज से चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इन लोगों पर आरोप है कि मालदा के रहने वाले उज्जवल बर्मन सहित छह आन्य लोगों से आईआईटी में नौकरी देने के नाम पर रुपए ऐंठा जा लहा था व फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए गए थे। पैसे के लिए नार्थ बंगाल के कई जगहों से युवकों को बुलाकर आशीर्वाद लाज में रखा गया था व साढ़े तीन लाख के हिसाब से छह लोगों से डिमांड किया जा रहा था तभी एक पीड़ित ने अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी तो पुलिस से संपर्क कर चार लोगों की गिरफ्तारी की थी पुलिस को इन लोगों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र भी मिले थे. जबकि शुभाशीष दास व विक्की हजारिया फऱार हो गया था। आरोपियों ने पीड़ितो के मेडिकल कराने के नाम पर उनलोगों के ओरिजिनल आधार कार्ड, माध्यमिक प्रमाणपत्र व अन्य कागजात आरोपियों ने ले लिए थे।
ज्ञात हो कि मिथिंगा को बतौर उस्पताल में लैब तकनीशियन व कौशिक को सुरक्षा अधिकारी की फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। मिथिंगा के नियुक्ति पत्र में कहा गाय है कि 6 महीने के प्रोविजनल पीरियड में 11हजार 700 रु मासिक स्टाइपेंड मिलेगा उसके बाद 24 हजार 650 रु मासिक तनख्वाह होगा जिसमें टीए. डीए, हाउस एलाउंस व अन्य एलाउंस शामिल होगा। चांदमारी अस्पताल के मेडिकल अधिकारी के हस्ताक्षरित फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र व आईआईटी क रजिस्ट्रार के फर्जी हस्ताक्षरित नियुक्ति पत्र पुलिस ने जब्त किया है।

Advertisement
Advertisement

For Sending News, Photos & Any Queries Contact Us by Mobile or Whatsapp - 9434243363 //  Email us - raghusahu0gmail.com