प्रदीप ने थामा जोड़ा फूल, पूछा किस जंगल से आया हिरण, अग्निमित्रा पर साधी चुप्पी, भाजपा ने नहीं दी तवज्जो   

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खड़गपुर, भाजपा नेता प्रदीप पट्टनायक ने आखिरकार आज कमल छोड़ जोड़ा फूल थाम लिया। मेदिनीपुर में टीएमसी के सह सभापति  जयप्रकाश मजूमदार ने उसके हाथ टीएमसी का झंडा दिया। इस अवसर पर मेदिनीपुर लोकसभा प्रत्याशी जून मालिया, जिलाध्यक्ष सुजय हाजरा व अन्य नेता उपस्थित थे।

 

प्रदीप ने कहा कि जिस आदर्श को लेकर उसने पार्टी की थी उससे हट गई है जिसके कारण उसने पार्टी छोड़ी। प्रदीप ने कहा कि वह उस वक्त से पार्टी कर रहे हैं जब प्रथम सभापति बाजपेयी थे। उन्होने कहा कि ना खाउंगा ना खाने दूंगा कहने वाले मोदी ने 25 भ्रष्ट नेताओं को पार्टी में लिया जिसमें से 24 का केस हटा लिया गया। उन्होने कहा कि यह कहा जा रहा है कि मुझे पार्टी से निष्कासित करने की बात हो रही है सन 19 के उपचुनाव में भाजपा का लीड 45 हजार था पर सीट में प्रदीप सरकार  की जीत 22 हजार से हुई।

 

उसके बाद पता नहीं किस जंगल से आया हिरण पहले विधानसभा जीती फिर पार्षद बने अब शुभेंदु का हाथ पकड़कर लोकसभा का चुनाव में खड़े हो लगए। मीडिया ने अग्निमित्रा पर सवाल किया तो प्रदीप ने कहा कि वह चूंकि उसके बारे में नहीं जानते इसलिए कुछ नहीं कह सकते। 

 

प्रदीप ने कहा कि टीएमसी जीती तो खड़गपुर में काम कराएंगे उन्होने पुरी गेट व गिरि मैदान ओवरब्रिज का क्रेडिट भी ममता को दिया व खुद ली। उन्होने कहा कि  दिलीप के साथ उनका मतभेद था पर वह तो जीते थे उसे भी बदल दिया गया। 14 के बाद रामभक्तों ने जन्म लिया है वह वे लोग ही पार्टी को चला रहे हैं. बाजपेयी भगवान तुल्य मनुष्य़ थे। दीदी को वह बेटी की तरह मानते थे। उन्होने सुषणा स्वराज, प्रमोद महाजन, तपन सिकदर की प्रशंसा की।

 

उन्होने कहा कि वह 28 साल तक नेशनल काउंसिल के सदस्य थे। उन्होने टिकट बंटवारे पर नाराजगी जाहिर की व्यापारी व आईआईटी के शिक्षाविद को टिकट देना चाहिए। प्रदीप भाजपा की टिकट पर कई बार विधानसभा व 1 बार लोकसभा चुनाव लड़े। जयप्रकाश  मजूमदार ने कहा कि संस्थापक सदस्य प्रदीप के आने से भाजपा का आज कमर टूट गया है पुराने नेता प्रदीप ने भाजपा से वितृष्णा होकर आज टीएमसी में आए जब शुभेंदु नहीं थे तब से प्रदीप पार्टी कर रहे हैं खड़गपुर कालेज में एबीवीपी किया। 

 

प्रदीप के जाने से पार्टी को नुकसान नहीः गौतम 

पूर्व पार्षद व भाजपा नेता गौतम  भट्टाचार्य ने प्रदीप के भाजपा पर जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब प्रेमचंद झा को हराने के लिए निर्दलीय चुनाव लड़े थे तब उन्हें पार्टी का ख्याल नहीं आय़ा। उन्होने कहा कि उसके जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं है उन्होंने कहा कि प्रदीप मानसिक संतुलन खो दिया है। वह वैसे भी पंचायत चुनाव में भी भाजपा के  खिलाफ काम कर चुके हैं इतने दिनों तक परोक्ष रुप से टीएमसी का काम कर रहे थे अब सब कुछ सामने है। पार्टी ने उन्हें काफी सम्मान दिया पर वे खुद अपना सम्मान नहीं रख पाए।   

 

 

খড়্গপুর, বিজেপি নেতা প্রদীপ পট্টনায়েক অবশেষে আজ পদ্ম ছেড়ে জোড়া ফুল তুলে নিলেন। মেদিনীপুরে, টিএমসির সহ-সভাপতি জয়প্রকাশ মজুমদার তাঁর হাতে টিএমসি পতাকা তুলে দেন। এই অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন মেদিনীপুর লোকসভা প্রার্থী জুন মালিয়া, জেলা সভাপতি সুজয় হাজরা সহ অন্যান্য নেতারা। প্রদীপ বলেছিলেন যে তিনি যে আদর্শ নিয়ে দল গঠন করেছিলেন সেই আদর্শ থেকে তিনি বিচ্যুত হয়েছিলেন, যার কারণে তিনি দল ছেড়েছেন।  এরপর কোন বন থেকে হরিণ এসেছিল জানি না, প্রথমে বিধানসভা জিতেছেন, তারপর কাউন্সিলর হয়েছেন, এখন শুভেন্দুর হাত ধরে লোকসভা নির্বাচনে দাঁড়ালেন। সংবাদমাধ্যম অগ্নিমিত্রাকে প্রশ্ন করলে প্রদীপ বলেন, যেহেতু তিনি তার সম্পর্কে জানেন না, তাই তিনি কিছু বলতে পারবেন না।

প্রদীপ বলেছিলেন যে টিএমসি জিতলে তিনি খড়গপুরে কাজটি সম্পন্ন করবেন তিনি মমতাকে পুরী গেট এবং গিরি ময়দান ওভারব্রিজের কৃতিত্বও দিলেন।  রাম ভক্তদের জন্ম 14 সালের পরে এবং তারাই দল চালাচ্ছে। বাজপেয়ী ঈশ্বরের মতো মানুষ ছিলেন। তিনি তার বোনকে কন্যার মতো আচরণ করতেন। তিনি সুষ্ণা স্বরাজ, প্রমোদ মহাজন, তপন সিকদারের প্রশংসা করেন।

তিনি বলেন, তিনি ২৮ বছর জাতীয় কাউন্সিলের সদস্য ছিলেন।  টিকিট বণ্টন নিয়ে তিনি ক্ষোভ প্রকাশ করেন। প্রদীপ বলেছেন যে তিনি বিষয়টি দলের সভাপতি নাড্ডাকে জানিয়েছেন এবং অমিত শাহকে বার্তা দিয়েছেন কিন্তু কোনও লাভ হয়নি। তিনি একাধিকবার বিধানসভা নির্বাচনে এবং একবার বিজেপির টিকিটে লোকসভা নির্বাচনে প্রতিদ্বন্দ্বিতা করেছিলেন।

প্রদীপের চলে যাওয়ায় দলের কোনো ক্ষতি নেই: গৌতম

প্রাক্তন কাউন্সিলর এবং বিজেপি নেতা গৌতম ভট্টাচার্য, প্রদীপের বিজেপিতে পাল্টানোর প্রতিক্রিয়া জানিয়ে বলেছিলেন যে প্রেমচাঁদ ঝাকে পরাজিত করার জন্য তিনি যখন নির্দল হিসাবে নির্বাচনে প্রতিদ্বন্দ্বিতা করেছিলেন, তখন তিনি দলের কথা ভাবেননি। প্রদীপ তার চলে যাওয়ায় দলের কোনো ক্ষতি হবে না  বলে জানান তিনি। যাই হোক, তিনি ইতিমধ্যেই পঞ্চায়েত নির্বাচনে বিজেপির বিরুদ্ধে কাজ করেছেন এবং এত দিন তিনি পরোক্ষভাবে টিএমসির হয়ে কাজ করছেন, এখন সবকিছু সামনে। দল তাকে অনেক সম্মান দিলেও নিজের সম্মান রক্ষা করতে পারেনি।

 

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