January 22, 2026

नेताओं की कॉलर पकड़ो”: SSC की ‘अयोग्य’ शिक्षकों की सूची प्रकाशित होने पर हुगली के शिक्षक का आक्रोश

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– पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) ने शनिवार रात को अपनी वेबसाइट पर 2016 के राज्यस्तरीय चयन परीक्षा (SLST) से संबंधित 1,804 “अयोग्य” शिक्षकों की सूची जारी की। इस कदम का त्वरित उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना था, जो ने गैर-योग्य उम्मीदवारों को आगामी रिक्रूटमेंट परीक्षा में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया था।

सुमन विश्वास का विवादित बयान:

सूची जारी होते ही हुगली के स्थानीय शिक्षक और “योग्य शिक्षाकर्मी मंच” के अगुवा सुमन विश्वास ने तीखा विरोध व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा प्रकाशित सूची “हमारे पास पहले से मौजूद सूची से लगभग मेल खाती है”। उनका कहना था कि “जिन्होंने फॉर्म भरा और एडमिट कार्ड लेंगे”—उन्हें ही “अयोग्य” के रूप में चिह्नित किया गया।

सुमन ने आरोप लगाया कि कई “अयोग्य” माने गए शिक्षक प्रभावशाली नेताओं और मंत्रियों से रिश्वत देकर नियुक्त हुए थे। उन्होंने जोर देकर कहा:

> “उन नेताओं की कॉलर पकड़ो… 12 % ब्याज सहित आपकी सैलरी वापस करनी होगी; सिर्फ इतना ही नहीं, आपका सामाजिक सम्मान भी खो गया।”

उन्होंने मांग की कि दोषियों के साथ-साथ उनसे सहायता लेने वाले नेताओं का भी नाम सार्वजनिक हो।

आगे का संघर्ष और आंदोलन:

सुमन विश्वास ने स्पष्ट किया कि आन्दोलन रुकेगा नहीं। आगामी 1 सितंबर को करुणामय मोड़ से “SSC अभियान” के नाम से एक महामोर्चा शुरू किया जाएगा, जिसमें लगातार अनशन और धरना प्रदर्शन शामिल रहेगा। उनका सवाल है: “जब तक ये परीक्षा नहीं टाली जाती या रद्द नहीं होती, हम क्यों परीक्षा दें?”

निष्कर्ष:

SSC द्वारा 1,804 शिक्षकों की “अयोग्य” सूची जारी करना सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत एक कानूनी कदम था। लेकिन इसके बाद हुगली के शिक्षक सुमन विश्वास ने इसे “संवैधानिकता” से ऊपर “न्याय और प्रभावशाली व्यक्ति” के प्रश्न में बदल दिया है। उनका कहना है कि शिक्षा प्रणाली में जो प्रभावशाली व्यक्ति भ्रष्टाचार के सहारे लाभान्वित हुए उन्हें भी न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए। साथ ही, वे केवल नियुक्ति प्रक्रिया को ही नहीं—बल्कि सामाजिक न्याय की भावना को भी बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

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