GST 2.0: “बचत उत्सव” के साथ छिड़ा नया अध्याय — क्या-क्या बदला, कैसे मिलेगा आम आदमी को फायदा
केंद्र सरकार ने आज देशभर में GST 2.0 लागू कर दिया, जिसे एक बड़े कर सुधार और सरलीकरण के कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसे “बचत उत्सव” के नाम से मनाया जा रहा है, ताकि त्योहारों के सीज़न में आम जनता, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिल सके।
मुख्य बदलाव:
1. दो टैक्स स्लैब — 5% और 18%
पुराने जटिल चार-स्तरीय (5%, 12%, 18%, 28%) GST ढाँचे को घटा कर अब अधिकांश चीज़ों पर सिर्फ 5% और 18% कर दर लागू होगी।
2. “लक्ज़री व ग़लत वस्तुएँ-आदत-वस्तुएँ” के लिए विशेष स्लैब
कुछ लग्ज़री या व्यसन संबंधी वस्तुएँ (“sin goods”) अब 40% उत्सर्जन कर (compensation cess) के दायरे में आ सकती हैं।
3. अत्यावश्यक वस्तुओं पर राहत
रोजमर्रा की जरूरतों-जैसे कि कुछ खाद्य पदार्थ, दवाएँ, शैक्षिक सामग्री आदि पर कर दर घट गई है, जिससे उपभोक्ता लागत में कमी होगी।
“GST जागरूकता अभियान” — Sep 22-29
साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 से 29 सितंबर तक एक जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य यह है कि ये बदलाव जनता तक पहुँचें, दुकानदारों को मालूम हो कि कौन-सी दर किस वस्तु पर लागू है, और वे इस सुधार से कैसे लाभ उठा सकते हैं।
अभियान के प्रमुख बिंदु:
विधानमंडल सदस्यों, मंत्रियों, सांसदों व स्थानीय प्रतिनिधियों को निर्देश है कि वे प्रतिदिन 1-2 घंटे स्थानीय बाज़ारों में बिताएँ, दुकानदारों से संवाद करें और उन्हें गुलाब भेट करके कहना कि सरकार ने उनका ध्यान रखा है।
दुकानदारों से कहा गया है कि वे होर्डिंग्स / पोस्टर लगाएँ जिन पर लिखा हो: “Garv Se Kaho Swadeshi Hai”, और भारतीय मूल की उत्पादों को बढ़ावा दें।
दुकानदारों और उपभोक्ताओं को सरल भाषा में बताया जाएगा कि GST सुधार से व्यापार कैसे सुधरेगा, माल सस्ता कैसे होगा, और त्योहारों के मौसम में किस तरह ये बदलाव उनकी झोली में राहत लाएँगे।
कहां-कहां मिलेगा फ़ायदा:
मध्यम और निम्न आय वर्ग — दैनिक उपयोग की वस्तुएँ अब सस्ती हो जाएँगी।
छोटे व्यापार और MSME — कर दरों की सरलता और अनुपालन (compliance) की कम जटिलताएँ इन्हें व्यापार को सुचारू रूप से चलाने में मदद करेंगी।
उपभोक्ता — त्योहारों के समय सामान की खरीदारी में लागत कम होने की उम्मीद।
संभव चुनौतियाँ:
कुछ उत्पाद जहाँ मूल कीमतें और व्यापारिक मार्जिन उच्च हैं, वहाँ दुकानदार पूरी तरह से कर कटौती का लाभ ग्राहकों को नहीं दे पाएँ; अपेक्षित पारदर्शिता व कीमतों में बदलाव समय ले सकती है।
राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि राजस्व हानि न हो, या उसकी भरपाई हो सके।
सरकार का संदेश:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सुधार को “GST बाचत उत्सव” करार दिया है, और कहा है कि इस योजना का लाभ गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएँ, दुकानदार और उद्यमी सभी को होगा।
साथ ही, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘स्वदेशी’ उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया है।