30 लाख की लूट मामले में गिरफ्तार आरोपी को जेल हिरासत
पश्चिम बंगाल — एक व्यवसायी से ₹३० लाख की मनमानी लूट किए जाने का मामला सामने आया है, जिसमें स्थानीय पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। घटना महिषादल थाना क्षेत्र के गाड़ुघाटा इलाके के पास हुई।
घटना का विवरण:
बताया जा रहा है कि हावड़ा जिले के श्यामपुर का स्वर्ण व्यापारी प्रदीप सांतोष द्वारा पहले “कम दाम में सोना उपलब्ध कराने” का झांसा दिया गया।
१५ सितंबर को, स्थानीय लोगों तपन बेरआ और विश्वजीत मुखोपाध्याय को उनके परिचित हसेम ने प्रदीप से मिलवाया। उस दिन कोई सौदा नहीं हुआ। बाद में प्रदीप ने विश्वजीत को फोन किया कि सौदा आगे बढ़े।
फिर १७ या १८ सितंबर को (अभियोग के अनुसार, रविवार को) एक तय स्थान पर प्रदीप, हसेम, तापन और विश्वजीत मिले। वहाँ पहले तो तापन और विश्वजीत ने पैसे की डिमांड की, लेकिन जब प्रदीप ने तत्काल सोना देने की बात कही, तो विवाद और हाथापाई हुई।
इसी बीच “पुलिस” की लिखी हुई दो गाड़ियाँ घटनास्थल पर आईं, और लगभग १०–१२ लोग फाइबर की लाठियाँ लेकर प्रदीप को घेर लिया। इस अवसर पर तापन और विश्वजीत ने उस पर दबाव डालकर ₹३० लाख नकद छीन लिए और भाग गए।
गिरफ्तारी और जांच:
महिषादल थाना पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की।
घटना के अगले ही दिन प्रदीप ने तापन बेड़ा, विश्वजीत मुखोपाध्याय, हसेम और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तपन बेरा को गिरफ्तार किया और उससे लगभग ₹२७ लाख नकद और १२ सोने की bar बरामद की। हालाँकि आरोप है कि उनमें से कुछ बार 3030नकली हो सकते हैं।
तपन को अदालत में पेश कर १४ दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
डीएसपी (डीईबी) शांतब्रत चंद का कहना है कि तपन के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ जारी है और अन्य आरोपी व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास चल रहा है।
पीड़ित की बात:
व्यापारी प्रदीप ने कहा कि उन्होंने हसेम को लंबे समय से जानते थे और उस पर भरोसा कर लिया था। इसलिए ऐसा धोखा मिलना उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।