72वें दीक्षांत समारोह में संस्थान की नई पहल: शिक्षा, चिकित्सा और खेल के क्षेत्र में बड़ी छलांग

July 4, 2026 12:39 AM

हाल ही में आयोजित एक प्रेस वार्ता में प्रतिष्ठित संस्थान के 72वें दीक्षांत समारोह (Convocation) को लेकर कई अहम घोषणाएं की गईं। इस वर्ष संस्थान ने शैक्षणिक और ढांचागत रूप से कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं।

डिग्रियों और छात्रों के आंकड़े:

  • ​आगामी दीक्षांत समारोह में लगभग 4000 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
  • ​इस वर्ष रिसर्च (अनुसंधान) डिग्रियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है।
  • ​छात्राओं की सफलता में भी वृद्धि देखी गई है, जिन्हें मिलने वाली डिग्रियों में 12% का इजाफा हुआ है।
  • ​जो छात्र किसी कारणवश पूरा कोर्स नहीं कर पाते, उनके लिए बी.टेक पास या एम.टेक डिप्लोमा जैसी गैर-पारंपरिक डिग्रियों की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि उनके भविष्य के रास्ते खुले रहें।

चिकित्सा और डायग्नोस्टिक्स में प्रगति:

  • ​संस्थान ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए एमडी (MD) प्रोग्राम के लिए आवेदन किया है।
  • ​अस्पताल में सीटी स्कैन (CT Scan) और एमआरआई (MRI) जैसी उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं शुरू की गई हैं और डे-केयर सर्जरी (Day Care Surgery) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
  • ​पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत अस्पताल के विस्तार की योजना है, और मेडिकल कॉलेज के नए डीन के रूप में एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर ने पदभार ग्रहण कर लिया है।
  • ​इसके अलावा बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक प्रोग्राम भी शुरू किया गया है।

खेल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग:

  • ​पहली बार खेल और ओलंपियाड कोटे के तहत प्रवेश दिया गया है, जिसमें 4 स्पोर्ट्स और 12 ओलंपियाड के छात्र शामिल हैं। इनमें लॉन टेनिस की नेशनल नंबर वन महिला खिलाड़ी भी शामिल हैं।
  • ​मैनचेस्टर विश्वविद्यालय (University of Manchester) के साथ एक संयुक्त डिग्री (Joint Degree) कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस दीक्षांत समारोह में इस प्रोग्राम के तहत पहले पीएचडी छात्र को डिग्री प्रदान की जाएगी।

आउटरीच और फैकल्टी भर्ती:

  • ​’आउटरीच कोर्स नेटवर्क’ (Outreach Course Network) के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 संस्थानों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • ​अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के ह्यूस्टन में एक ‘स्ट्रेटेजिक आउटरीच सेंटर’ शुरू किया गया है।
  • ​संस्थान ने पिछले 3-4 महीनों में बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चलाकर 200 से अधिक नए फैकल्टी सदस्यों और 400 से अधिक पोस्ट-डॉक्टरल फेलो (Post-Doctoral Fellows) की भर्ती की है।

भविष्य का दृष्टिकोण:

संस्थान का फोकस अब केवल पारंपरिक शिक्षा देने तक सीमित नहीं है। अब मुख्य जोर छात्रों को इनोवेशन, स्टार्टअप और वास्तविक जीवन की समस्याओं (Practical Problems) को सुलझाने के लिए तैयार करने पर है। संस्थान खुद को केवल एक पारंपरिक शिक्षा केंद्र से आगे बढ़ाकर एक ‘परिणाम-उन्मुख’ (Institution of Consequence) और उद्देश्य-प्रेरित संगठन के रूप में स्थापित कर रहा है।

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