





पश्चिम बंगाल में चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की सुरक्षा को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने राज्य के सभी जिलों में ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।



सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदान और मतगणना के बीच के समय में ईवीएम की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं कि परिंदा भी पर न मार सके।

सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य बातें:
•त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा: स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए तीन स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था (Three-tier security) लागू की जाएगी। सबसे आंतरिक घेरे में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात रहेंगे, जबकि बाहरी परतों की जिम्मेदारी राज्य पुलिस बल को सौंपी जाएगी।
•CCTV से होगी डिजिटल निगरानी: पूरे परिसर में 24 घंटे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। इसकी फीड को कंट्रोल रूम के साथ-साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे स्वयं सुरक्षा की पुष्टि कर सकें।
•प्रवेश पर सख्त पाबंदी: स्ट्रॉन्ग रूम के पास किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। जो भी अधिकारी भीतर जाएगा, उसका पूरा विवरण लॉग बुक में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
•आपातकालीन प्रबंधन: आगजनी या अन्य किसी दुर्घटना से बचने के लिए फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच और विशेषज्ञों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।
विपक्ष की मांग और आयोग की सक्रियता:
राज्य में पिछले कुछ चुनावों के दौरान विपक्षी दलों ने ईवीएम की सुरक्षा और स्ट्रॉन्ग रूम में धांधली की आशंकाएं जताई थीं। इन्ही चिंताओं को दूर करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं इन केंद्रों का दौरा करें और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।






