





नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध के हालातों और उनके गहरे आर्थिक प्रभावों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) को बचाने के लिए नागरिकों से कुछ विशेष क्षेत्रों में संयम बरतने का आग्रह किया है।



प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लिए जीना और अपने कर्तव्यों का पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है। इसी संदर्भ में सरकार ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

ईंधन और ऊर्जा की बचत
फिर से ‘वर्क फ्रॉम होम’: ऑफिस आने-जाने में होने वाले ईंधन के खर्च को कम करने के लिए ऑनलाइन मीटिंग्स और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस पर जोर देने को कहा गया है। इससे विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत होगी।
पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग: नागरिकों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, रेल और कारपूलिंग का अधिक उपयोग करें। संभव हो तो इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्राथमिकता दें।
रसोई गैस में संयम: जरूरत न होने पर गैस का अपव्यय न करें और खाना बनाते समय संयमित तरीके से गैस का उपयोग करें।
आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम करना
सोने की खरीदारी पर रोक: प्रधानमंत्री ने आग्रह किया है कि देशहित में अगले एक साल तक सोने के गहने या सोना खरीदने से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा बाहर न जाए।
कुकिंग ऑयल (खाद्य तेल) का कम प्रयोग: भोजन में कम से कम 10% कम तेल का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।
तांबा और अन्य संसाधनों की बचत: तांबे सहित देश के अन्य संसाधनों का अपव्यय रोकें और हर संपत्ति का सही तरीके से उपयोग करें।
पर्यटन और कृषि में बदलाव
विदेश यात्रा फिलहाल टालें: अगले एक साल तक विदेश यात्रा की योजना को स्थगित करने और देश के भीतर ही पर्यटन (Domestic Tourism) को बढ़ावा देने की अपील की गई है।
रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग: खेती में रासायनिक खाद का उपयोग 25-50% तक कम कर प्राकृतिक खेती पर जोर देने को कहा गया है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।
प्रधानमंत्री का संदेश:
“देश को शक्तिशाली बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। संकट के इस समय में हमारा छोटा सा त्याग राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभा सकता है।”









