





खड़गपुर: वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर के डायरेक्टर और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक और विचार-विमर्श किया। इस बैठक के दौरान राज्य के आगामी विकास में आईआईटी खड़गपुर की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।



बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि आने वाले दिनों में खड़गपुर सहित पूरे पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और कृषि विपणन (Agriculture Marketing) के क्षेत्रों में आईआईटी की सक्रिय भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। यह संस्थान आधुनिक तकनीक, उन्नत अनुसंधान और नवाचार (Innovation) के माध्यम से बंगाल की अर्थव्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकता है।

आधुनिक भारत का ‘गुरुकुल’
चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि आईआईटी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारत का एक ‘गुरुकुल’ है। यह संस्थान देश के कोने-कोने से मेधावी छात्र-छात्राओं को तलाश कर भविष्य के भारत के निर्माण में निरंतर योगदान दे रहा है।
अतीत की कमियों और भविष्य की योजनाओं पर मंथन
बैठक में यह चिंता भी व्यक्त की गई कि अतीत में बंगाल के विकास के हित में आईआईटी जैसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित संस्थान की क्षमताओं का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, आगामी दिनों में उद्योग, कृषि, प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में आईआईटी-खड़गपुर के अनुभव, विशेषज्ञता और दक्षता का पूरा लाभ उठाकर राज्य को आगे ले जाने की उम्मीद जताई गई है।
बैठक के दौरान संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया और विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं पर चर्चा की गई।






