





खड़गपुर: हाल ही में खड़गपुर के गोलबाजार इलाके में लघु कथाओं की गुणवत्ता, निर्माण और पुनर्निर्माण, तथा उनके अतीत, वर्तमान और भविष्य को लेकर एक विशेष साहित्यिक कार्यशाला ‘मेक’शॉप-26’ (Make’shop-26) का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में मेदिनीपुर और खड़गपुर के कई प्रख्यात साहित्यकार, प्राध्यापक और लेखक एक साथ उपस्थित हुए।



कार्यशाला के दौरान लघु कथाओं के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। उपस्थित वक्ताओं ने लघु कथाओं के पारंपरिक और आधुनिक दोनों रूपों, और साहित्य में इसके बदलते स्वरूप पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर साहित्य प्रेमियों ने कहानी लेखन की बारीकियों, चरित्र निर्माण और समाज पर इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से जाना।

इस कार्यक्रम में कई जाने-माने शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और स्थानीय लेखकों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिससे साहित्यिक चर्चा को एक नई दिशा मिली। यह कार्यशाला स्थानीय साहित्यकारों और नए उभरते लेखकों के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने का एक बेहतरीन मंच साबित हुई है।MakeShop-26
Workshop on Story Writing
Medini Kathacharcha | Kharagpur
A foreword by Dr. Madhup De
chief guest Sri Siddhartha Santra
Inaugural Lecture delivered by Dr. Layek Ali Khan
“ছোটগল্পের শুরু ও শেষ”
Lecture by Sri Subhasis Ghosh on
“রূপক, সাংকেতিক, বিমূর্ত ছোটগল্প”
Dr. Shyamali Rakshit lecture on “ছোটগল্পের অন্তর্যাত্রা”
and the mind blowing one
Prof. Arindam Goswami
“অনন্যধারার কথা”. Naresh jana, saikat santra, mithu & other literature lovers actively participated on the occasion.








