





मेदिनीपुर: राज्य सरकार के निर्देश पर पश्चिम मेदिनीपुर में भी ‘फायर ऑडिट’ (अग्निशमन व्यवस्था की जांच) का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने जिम्मेदारी संभालते ही कई जरूरी कदम उठाए हैं, जिनमें से विभिन्न बहुमंजिला और व्यावसायिक इमारतों में आग से सुरक्षा के इंतजामों की जांच करना बेहद अहम है।



मंगलवार सुबह से ही मेदिनीपुर शहर के कई नर्सिंग होम में यह जांच और जागरूकता अभियान शुरू किया गया। दमकल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक एक ५० बिस्तरों वाले नर्सिंग होम के बुनियादी ढांचे की बारीकी से जांच की। इस दौरान वहां मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को आग बुझाने के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया और एक मॉक ड्रिल (प्रदर्शन) भी आयोजित की गई।

मेदिनीपुर दमकल विभाग के ओसी चिन्मय बक्सी ने बताया कि अब तक शहर के ७-८ नर्सिंग होम और ‘टेक्नो इंडिया’ स्कूल समेत कई संस्थानों को नोटिस भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा:
”फायर ऑडिट का काम पहले ही शुरू हो चुका है। हम विभिन्न नर्सिंग होम और बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी के इंतजामों की जांच कर रहे हैं। कई बार देखा जाता है कि इमारत बनाने की शुरुआत में एक तरह का प्लान दिखाकर मंजूरी (क्लियरेंस) ले ली जाती है, लेकिन निर्माण पूरा होने पर स्थिति अलग होती है। नियमों के इस उल्लंघन (डेविएशन) पर भी हम सख्ती से जांच कर रहे हैं और उचित कदम उठा रहे हैं।”
दमकल विभाग की ओर से बताया गया है कि केवल नर्सिंग होम या स्कूल ही नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंप, गैस गोदाम और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में भी यह ऑडिट चलाया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं और गृहणियों को एलपीजी गैस के सही उपयोग और घरेलू स्तर पर आग बुझाने के तरीके सिखाने के लिए दमकल विभाग विशेष प्रदर्शन आयोजित कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद करने के लिए सरकार ने यह कड़ा रुख अपनाया है।
क्या इस लेख में आप कोई और बदलाव या नई जानकारी जोड़ना चाहते हैं?








