





खड़गपुर: भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा ‘विकसित भारत अभियान’ के तहत ‘वार्तालाप’ (VARTALAAP) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेशन’ था। इस दौरान खड़गपुर और पश्चिम मिदनापुर क्षेत्र के विकास को गति देने वाली कई प्रमुख बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।



सरकार की जिन प्रमुख परियोजनाओं से इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है, वे इस प्रकार हैं:

1. खड़गपुर-मोरग्राम इकोनॉमिक कॉरिडोर (Kharagpur-Moregram Economic Corridor):
प्रधानमंत्री द्वारा एनएच-116ए (NH-116A) पर 230.9 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के पांच पैकेजों की आधारशिला रखी गई है। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के छह जिलों को आपस में जोड़ेगा। इसके निर्माण से यात्रा की दूरी 119 किलोमीटर कम हो जाएगी और समय में 7 से 8 घंटे की भारी बचत होगी। यह खड़गपुर और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाला एक रणनीतिक मार्ग है, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगा।
2. ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor):
रेल मंत्रालय द्वारा नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत दो प्रमुख लाइनें होंगी:
- ईस्ट-कोस्ट कॉरिडोर: खड़गपुर से विजयवाड़ा
- ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर: पालघर-भुसावल-नागपुर-खड़गपुर-डानकुनी यह परियोजना लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इससे डबल स्टैक कंटेनर (DSC) ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और पूर्वी भारत से खनिजों की ढुलाई की लागत में काफी कमी आएगी।
3. वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Varanasi-Kolkata Greenfield Expressway):
एनएच-319बी (NH-319B) के तहत 610 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर वाराणसी और कोलकाता के बीच यात्रा के समय को 12-14 घंटे से घटाकर मात्र 6-7 घंटे कर देगा। ‘भारतमाला योजना’ के तहत प्रस्तावित इस अहम परियोजना की लागत 9,623.72 करोड़ रुपये है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिम बंगाल के भीतर 323 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और पश्चिम मिदनापुर के साथ-साथ पुरुलिया, बांकुड़ा, हुगली और हावड़ा जिलों से होकर गुजरेगा।
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा और विशेष रूप से कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों पर निर्भर उद्योगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
इन सभी मेगा प्रोजेक्ट्स के पूरे होने से खड़गपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी के अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे।
मुख्य अतिथि दिलीप घोष ने कहा कि वार्तालाप की तरह के आयोजन और अधिक होने चाहिए। उन्होंने येलो जर्नलिज्म पर भी चिंता जताई।
इस अवसर पर पीआईबी के डायरेक्टर टीवी के रेड्डी, पश्चिम मेदिनीपुर के जिला शासक बिजिन कृष्णा , एडीएम एलआर सौरभ पांडे, एसीएमओएच सौम्यशंकर षाड़ंगी, आईआईटी के प्रोफेसर भार्गव मित्र, पीएनबी अधिकारी कंचन कति दास व अन्य ने वक्तव्य रखे।






