




केशपुर: केशपुर की विधायक शिउली साहा ने आरोप लगाया कि केशपुर इलाके में उन्हें कोई भाड़ेलका घर नहीं दे रहे हैं जिसके कारण सामान कोलकाता लेजना पड़ा। उन्होंनेअपने इलाके में काम करने के माहौल को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें अपने ही विधानसभा क्षेत्र में जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें जनसेवा के काम करने का उचित अवसर नहीं दिया जा रहा है।


प्रशासनिक बैठकों से रखा जा रहा है दूर

विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रशासनिक बैठकों (Administrative meetings) में आमंत्रित नहीं किया जाता है। हाल ही में इलाके में विद्यासागर बैंक शाखा का उद्घाटन हुआ, लेकिन जन प्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें वहां नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा कि केवल मंच पर फूल देकर सम्मान जताना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।
धमकियां और रहने के लिए घर न मिलना
अपनी और अपने समर्थकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। कुछ लोग फोन पर धमकियां दे रहे हैं और उन्हें इलाके में आने से रोक रहे हैं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि केशपुर में उन्हें किराए का घर भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जिस घर में वे रह रही थीं, वहां से उन्हें हटने के लिए मजबूर किया गया।
राहत सामग्री बांटने में बाधा
हाल ही में हुई बारिश और प्राकृतिक आपदा के दौरान बांटी जाने वाली राहत सामग्री (पॉलिथीन) को लेकर भी उन्होंने दुख व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके द्वारा लाई गई राहत सामग्री को जबरन ले लिया गया और उन्हें बीडीओ (BDO) के माध्यम से या खुद आम लोगों तक राहत पहुंचाने का मौका नहीं दिया गया।
प्रशासन और सरकार से अपील
विधायक ने स्थानीय प्रशासन, मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और जिला प्रशासन (DM, SP) से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। उनका कहना है कि वह राज्य सरकार के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास (पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के साथ) के लिए काम करना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए एक सुरक्षित और बिना भय का माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।





