





राज्य के आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल में 15 जून से 17 जून 2026 तक वृहद ‘जनकल्याण शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का मुख्य नारा है – “आपका अधिकार, आपकी सुविधा”।



शिविर में कुल 19 काउंटर लगाए जाएंगे, जहां कृषि से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर रोजगार तक, हर विभाग की सेवाएं उपलब्ध होंगी। प्रशासन का दावा है कि यह “सहज प्रक्रिया, एक स्थान पर अनेक सुविधा, सबके लिए, सबका उन्नयन” के सिद्धांत पर काम करेगा।

प्रमुख काउंटर और मिलने वाली सुविधाएं:
1. कृषि विभाग काउंटर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि अवसंरचना उन्नयन से जुड़े आवेदन किए जा सकेंगे।
2. अनुसूचित वर्ग कल्याण विभाग: पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, SC, OBC और तफसिली बंधु जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
3. अर्थ और बैंकिंग काउंटर: प्रधानमंत्री जन धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के लिए पंजीकरण होगा।
4. स्वास्थ्य विभाग: आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
5. श्रम विभाग: ई-श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन और नियोजित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए आवेदन लिए जाएंगे।
6. भूमि विभाग: जमीन के रिकॉर्ड की नकल, पट्टा आवेदन और जमीन रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार जैसे काम होंगे।
7. विद्युत विभाग: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
इसके अलावा मत्स्य विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग, उच्च शिक्षा, स्वराष्ट्र, संख्यालघु मामले, MSME, पशुपालन, कारिगरी शिक्षा, आदिवासी उन्नयन, नगर उन्नयन और महिला एवं शिशु उन्नयन विभाग के काउंटर भी लगेंगे।
‘विश्वकर्मा’ जैसी योजनाएं भी शामिल*
शिविर में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रकल्प, प्रधानमंत्री कर्मसंस्थान सृष्टि कर्मसूची, मुद्रा लोन और उद्योग निबंधन जैसी स्वरोजगार योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और शिक्षाश्री जैसी योजनाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रशासन का कहना है कि इस तीन दिवसीय शिविर का मकसद लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाना है। आधार नवीनीकरण से लेकर CAA आवेदन, राशन कार्ड संशोधन से लेकर उज्ज्वला योजना तक – लगभग सभी प्रमुख सरकारी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल जाएंगी।
यह शिविर राज्य के सभी जिलों में आयोजित किए जाने की संभावना है, ताकि अधिक से अधिक लोग “सबका उन्नयन” के लक्ष्य के तहत लाभान्वित हो सकें।







