






मेदिनीपुर: पूर्व मेदिनीपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक सिविक वॉलंटियर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सिविक वॉलंटियर जिला खुफिया शाखा (DIB) कार्यालय में कार्यरत था।


क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) बनवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि यह सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में आरोपी सिविक वॉलंटियर ने आवेदक से अवैध रूप से ₹1,000 की रिश्वत मांगी थी।
प्रार्थी ने रिश्वत देने के बजाय इसकी लिखित शिकायत राज्य स्तर पर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) से कर दी।
ACB ने बिछाया जाल, पानी में हाथ डालते ही खुला राज
शिकायत की सत्यता की जांच करने के बाद जांच एजेंसी ने एक योजनाबद्ध ‘ट्रैप ऑपरेशन’ तैयार किया। योजना के तहत जब आरोपी सिविक वॉलंटियर रिश्वत की रकम ले रहा था, उसी समय अधिकारियों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान जब आरोपी के हाथों को रासायनिक घोल (केमिकल वाटर) में धुलवाया गया, तो पानी का रंग तुरंत बदलकर गुलाबी/नीला हो गया, जिससे यह वैज्ञानिक रूप से साबित हो गया कि उसने रिश्वत के केमिकल लगे नोट छुए थे।
आगे की जांच जारी
ACB की टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध वसूली में विभाग का कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल था या नहीं।





