






पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटल ब्लॉक अंतर्गत आजबनगर-1 ग्राम पंचायत के पाना-गड़खाई इलाके में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद एक जलमग्न रास्ते (चाताल) पर पानी के तेज बहाव को पार करने की कोशिश में एक गरीब फेरीवाला अपनी साइकिल सहित पानी में बह गया। स्थानीय प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीम लगातार खोजबीन कर रही है, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।


प्रत्यक्षदर्शियों ने दी थी चेतावनी

स्थानीय निवासियों के अनुसार, घाटल के कई इलाकों में बाढ़ का पानी उतर रहा था, लेकिन पाना-गड़खाई चाताल के ऊपर से अभी भी पानी का तेज बहाव बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर के समय एक फेरीवाला साइकिल पर कबाड़ या सामान लेकर उस रास्ते से गुजरने लगा। वहां मौजूद लोगों ने उसे आगे जाने से मना किया और पानी के खतरे के प्रति आगाह भी किया था।
बावजूद इसके, वह जोखिम उठाकर आगे बढ़ा। रास्ते के बीच अचानक उसका पैर फिसला और साइकिल का संतुलन बिगड़ गया। संतुलन खोते ही वह साइकिल और सामान समेत गहरे पानी के तेज बहाव में बह गया। पानी में उसके जूते, बैग और पानी की बोतल तैरते हुए दिखे, लेकिन वह खुद पानी के भंवर में लापता हो गया।
स्थानीय लोगों ने शुरू की खोजबीन, सिविल डिफेंस की टीम मौके पर
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी नावों (डिंगी) के सहारे नदी और जलमग्न क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद सिविल डिफेंस के बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य संभाला।
पुल की पुरानी मांग और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
घटना की खबर पाकर प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस चाताल पर एक स्थायी पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। पूर्व में यहां लकड़ी का पुल हुआ करता था, जिसे बाद में हटा दिया गया। हाल ही में जिला प्रशासन के अधिकारियों और इंजीनियरों ने नए पुल के निर्माण के लिए स्थल का निरीक्षण भी किया था और इस पर योजना चल रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जब तक पानी का स्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक लोगों की आवाजाही के लिए नावों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल लापता व्यक्ति की तलाश जारी है।





