





कोलकाता: नई कैबिनेट की पहली औपचारिक बैठक में राज्य के भविष्य और प्रशासनिक ढांचे को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में मुख्य रूप से सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और केंद्र-राज्य समन्वय पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनहित में कई केंद्रीय योजनाओं को अब राज्य में पूरी तरह से लागू किया जाएगा।



कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख 6 निर्णय इस प्रकार हैं:

1. सीमा सुरक्षा के लिए जमीन हस्तांतरण में तेजी
राज्य की सीमा सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया अगले 45 दिनों के भीतर संपन्न करनी होगी। इससे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
2. केंद्रीय योजनाओं का विस्तार: आयुष्मान भारत और अन्य
राज्य सरकार ने केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाओं को बंगाल में लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। अब पश्चिम बंगाल आधिकारिक रूप से ‘आयुष्मान भारत’ योजना से जुड़ गया है। इसके साथ ही ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का भी राज्य में विस्तार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि सभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ बंगाल की जनता तक सीधे पहुंचे।
3. सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में वृद्धि
राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी देते हुए कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से उन हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो उम्र सीमा के कारण आवेदन करने से वंचित रह जाते थे।
4. जनगणना कार्य की शुरुआत
राज्य में जनगणना (Census) की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी तेज करने को कहा गया है ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं बनाई जा सकें।
5. भारतीय न्याय संहिता का क्रियान्वयन
कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य ने आज से पश्चिम बंगाल में ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) को लागू कर दिया है। यह कदम आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
6. IPS-IAS अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रशिक्षण
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए बंगाल कैडर के IPS और IAS अधिकारियों को अब केंद्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर की नीतियों और आधुनिक प्रशासन की बारीकियों को समझने में आसानी होगी।
इस लेख में आपकी आवश्यकतानुसार किसी भी न्यूज़ चैनल या संस्था के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है।





