






खड़गपुर नगरपालिका में राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई है। विपक्षी दल के पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगरपालिका चेयरपर्सन कल्याणी घोष और कार्यपालक अधिकारी (Executive Officer) को एक औपचारिक ज्ञापन (डेपुटेशन) सौंपा। इस ज्ञापन में नगरपालिका अधिनियम के नियमों का हवाला देते हुए 6 पार्षदों की सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग उठाई गई है।


दल-बदल विरोधी नियमों के तहत 5 पार्षदों पर आरोप

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे वार्ड नंबर 16 के पार्षद अभिषेक अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल म्युनिसिपल एक्ट, 1993 की धारा 21(B) का उल्लेख किया। इस धारा के अनुसार, यदि कोई उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न पर निर्वाचित होने के बाद स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ता है, तो वह पार्षद पद के अयोग्य हो जाता है।
इस आधार पर निम्नलिखित 5 पार्षदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है:
प्रदीप सरकार: तृणमूल कांग्रेस के चिह्न पर चुनाव जीतने के बाद सार्वजनिक रूप से पार्टी की सदस्यता छोड़ने की घोषणा की।
बंता मुरली (वार्ड 15) एवं तपन प्रधान (वार्ड 24): कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए।
फिदा हुसैन: निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीतकर बाद में सत्तारूढ़ दल में शामिल हुए।
नर्गिस परवीन: सीपीआई से निर्वाचित होकर बाद में अन्य दल में शामिल हुईं।
हितों के टकराव (Office of Profit) का आरोप
इसके अतिरिक्त, वार्ड नंबर 9 के पार्षद प्रबीर घोष के खिलाफ म्युनिसिपल एक्ट की धारा 36(E) और 36(F) के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि वह पहले नगरपालिका के ठेकेदार थे और वर्तमान में पार्षद रहते हुए भी कथित तौर पर साझेदारी के माध्यम से नगरपालिका के ठेकेदारी कार्यों में आर्थिक हित रख रहे हैं। नियमों के तहत ऐसे वित्तीय लाभ या हितों के टकराव की स्थिति में पार्षद पद पर बने रहने की वैधता समाप्त हो जाती है।
जांच और कार्रवाई का आश्वासन
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में पार्षद अभिषेक अग्रवाल, अनुश्री बेहरा, नागेश और मुकेश हुमने व ममता दास शामिल रहे। पार्षदों का कहना है कि जब तक इन सदस्यों की अयोग्यता पर अंतिम फैसला नहीं होता, तब तक परिषद की गतिविधियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा, इसलिए मामले की तुरंत कानूनी जांच होनी चाहिए।
पार्षद अभिषेक अग्रवाल ने कहा की चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन व नगर पालिका के ईओ को ज्ञापन सौंप दिया गया है जल्दी एसडीओ व विधायक दिलीप घोष को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद चेयरपर्सन कल्याणी घोष और प्रशासन ने कहा कि सौंपे गए दस्तावेजों और कानूनी पहलुओं की पूरी जांच की जाएगी। इसके बाद नियमों के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को अग्रसारित की जाएगी।





