




दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक सख्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। विभाग ने पंचुर चौक से लेकर गोलकुआं चौक तक सड़क किनारे स्थित 41 दुकानों को हटाने का नोटिस जारी किया है। दुकानदारों को अपनी-अपनी दुकानें खाली करने के लिए मात्र 10 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।


10 दिन के भीतर खाली करने का निर्देश

मंगलवार दोपहर को लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने इलाके का दौरा किया और दुकानदारों के हाथों में सीधे नोटिस सौंपे। जो दुकानें उस समय बंद थीं, उनके शटर पर भी नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से मौखिक और लिखित रूप में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अगर 10 दिनों के भीतर जगह खाली नहीं की गई, तो बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
दुकानदारों में दहशत और रोजी-रोटी का संकट
अचानक हुई इस कार्रवाई से दुकानदारों में भारी निराशा है। प्रभावित 41 दुकानों में खाने-पीने के स्टॉल, मुर्गे की दुकान और छोटे फर्नीचर के व्यापारी शामिल हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से यहां व्यवसाय कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। त्योहार के समय, जब साल भर की सबसे ज्यादा कमाई होती है, तब दुकान छिन जाने के डर से उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
दुकानदारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बेदखली से पहले उन्हें किसी अन्य स्थान पर पुनर्वास (Rehabilitation) दिया जाए। हालांकि, अब तक किसी भी व्यापारिक संगठन या समिति ने इस मुद्दे पर खुलकर उनका साथ नहीं दिया है।
शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कदम शहर को अतिक्रमण मुक्त करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इससे पहले भी मेदिनीपुर सेंट्रल बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में इसी तरह का अभियान चलाकर अवैध दुकानों को हटाया गया था। बताया जा रहा है कि अदालती निर्देशों और सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता के मद्देनजर यह सख्त कदम उठाया जा रहा है। शहर के अन्य अतिक्रमण वाले हिस्सों में भी आने वाले दिनों में ऐसी ही कार्रवाई देखने को मिल सकती है।





