





कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में समुद्री संस्थानों (Maritime Institutions) के विकास और कोलकाता तथा हावड़ा के घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में एक उच्च स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठक में इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई ठोस निर्णय लिए गए।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोलकाता और हावड़ा क्षेत्र में घाटों की बहाली (Restoration) और उनके सौंदर्यीकरण का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। विशेष रूप से 8 ऐसे घाटों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिनका संचालन पहले बंदरगाह ट्रस्ट (Port Trust) द्वारा किया जाता था, लेकिन वर्तमान में वे न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार की देखरेख में हैं। स्थानीय विधायकों द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, संबंधित विभागों को इस पर तुरंत और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बैठक में केवल मौखिक चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए भूमि संबंधी मंजूरी (Land NOC) और केंद्र-राज्य समन्वय (Central-State Coordination) को लेकर भी कई अहम फैसले लागू किए गए हैं।
कार्यों को सुचारू रूप से और समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने एक विशेष ‘कैलेंडर’ (Time-table) तैयार किया है। सभी कार्यक्रमों और विकास कार्यों की रूपरेखा इस कैलेंडर के अनुसार तय की गई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को इस कैलेंडर के अनुसार ही काम करना होगा और वे इसके लिए पूरी तरह से जवाबदेह होंगे।
इसके अलावा, राज्य सरकार समुद्री और बंदरगाह से जुड़े मामलों को गंभीरता से ले रही है और इसके सुचारू संचालन के लिए न केवल नए विभाग तैयार कर रही है, बल्कि एक सक्षम बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।
कोलकाता में वाटर मेट्रो की सुविधा के साथ गंगासागर को भी बतौर अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा।





