पश्चिम मेदिनीपुर: चुनाव चेकिंग के दौरान पुलिस ने रुकवाया बाल विवाह, दुल्हन के लिबास में मिली नाबालिग

March 25, 2026 6:00 AM

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में पुलिस की सतर्कता ने एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के जीवन को अंधकार में डूबने से बचा लिया। आगामी चुनावों के मद्देनजर की जा रही ‘नाका चेकिंग’ के दौरान पुलिस ने न केवल अवैध गतिविधियों पर नजर रखी, बल्कि एक बाल विवाह को होने से भी रोक दिया।

क्या है पूरा मामला?

घटना सोमवार रात करीब 10 बजे की है। सबंग थाने के अंतर्गत देहाती नाका चेकिंग पोस्ट पर पुलिस की टीम वाहनों की नियमित तलाशी ले रही थी। इसी दौरान सबंग से पूर्व मेदिनीपुर की ओर जा रही एक कार को चेकिंग के लिए रोका गया।

जब पुलिस ने टॉर्च की रोशनी कार के अंदर डाली, तो वे हैरान रह गए। कार में एक किशोर लड़की दुल्हन के जोड़े में सिर झुकाए बैठी थी। पुलिस को संदेह होने पर जब लड़की और उसके परिजनों से पूछताछ की गई, तो वे घबराने लगे। उम्र के दस्तावेज मांगने पर सच्चाई सामने आ गई। लड़की ने खुद पुलिस को बताया कि उसकी उम्र अभी 18 वर्ष नहीं हुई है।

मंदिर में गुप्त रूप से हो रही थी शादी की तैयारी:-

जांच में पता चला कि लड़की सबंग के दशग्राम क्षेत्र की रहने वाली है। उसकी मर्जी के बिना परिवार वाले पूर्व मेदिनीपुर के एगरा इलाके के एक युवक से उसकी शादी करा रहे थे। पकड़े जाने के डर से परिवार ने सोमवार रात को एगरा के एक मंदिर में चुपचाप शादी करने की योजना बनाई थी।

पुलिस की कार्रवाई और प्रशंसा:-

सबंग थाने के ओसी (OC) शुभंकर राय और उनकी टीम ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए नाबालिग और उसके परिवार को थाने ले आई। पुलिस ने परिवार को सख्त चेतावनी दी और उनसे लिखित शपथ पत्र (मुचलका) लिया कि वे लड़की के बालिग होने से पहले उसकी शादी नहीं करेंगे।

स्थानीय लोगों और जिला परिषद की शिशु व नारी कल्याण समिति ने पुलिस के इस मानवीय चेहरे की जमकर सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाका चेकिंग का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि सामाजिक बुराइयों को रोकना भी है।

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