






मेदिनीपुर: शहर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कॉलेज और कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों को जोड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क पर लंबे समय से बने गड्ढों और भारी जलभराव के खिलाफ स्थानीय नागरिकों एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। बारिश रुकने के 24 घंटे बाद भी घुटनों तक भरे पानी के बीच प्रदर्शनकारियों ने बड़ी मछलियां छोड़ीं और सड़क के गड्ढों में पौधे रोपकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।


मरीजों और आम जनता की जान जोखिम में

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह मुख्य सड़क अस्पताल की ओर जाती है, जहां से हर 10 मिनट में एम्बुलेंस गुजरती हैं। बारिश बंद होने के बावजूद सड़क पर करीब एक से दो फीट तक पानी जमा रहता है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे मरीजों, डॉक्टरों, छात्राओं और आम राहगीरों का चलना भी खतरनाक हो गया है।
बार-बार नगर पालिका और संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अब तक केवल झूठे आश्वासन मिले हैं, जबकि वास्तविक धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ।
करोड़ों के फंड और भ्रष्टाचार के आरोप
विरोध कर रहे प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत और जल निकासी के नाम पर सात से आठ करोड़ रुपये का फंड स्वीकृत हुआ था, लेकिन काम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहा। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सांठगांठ, फंड की बंदरबांट करने के गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेतृत्व को जमकर निशाने पर लिया गया और तीखी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शहर की भौगोलिक बनावट ऐसी है कि यहां पानी रुकना ही नहीं चाहिए, लेकिन बिना किसी सही योजना और लापरवाही के चलते लिंक रोड से लेकर मुख्य मार्गों तक का हाल बेहाल है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की उचित व्यवस्था और सड़कों की मरम्मत पूरी नहीं की गई, तो जनता के अधिकारों के लिए यह आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा।





