





पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शंखनाद करते हुए राहुल गांधी ने अपनी पहली ही जनसभा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक साथ जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए जमीन तैयार कर रही है।



’बीजेपी के लिए रास्ता बना रही है टीएमसी’

राहुल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “बीजेपी हिंसा फैलाती है। उनके प्रधानमंत्री ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ हैं। उनके बारे में तो मैं बात ही नहीं करूंगा। दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल में टीएमसी ही बीजेपी के लिए रास्ते खोल रही है। क्योंकि, अगर टीएमसी अपना काम सही से करती, लोगों की आय का प्रबंध करती और हिंसा न फैलाती, तो यहां बीजेपी दिखाई ही नहीं देती।”
प्रियरंजन दासमुंशी को किया याद
रायगंज की जनसभा में राहुल गांधी ने दिवंगत दिग्गज नेता प्रियरंजन दासमुंशी को याद किया। इस क्षेत्र को उनकी कर्मभूमि बताते हुए राहुल ने दावा किया, “मैं गारंटी के साथ कह सकता हूँ कि अगर आज उनका निधन न हुआ होता, तो पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की सरकार होती और प्रियरंजन जी ही मुख्यमंत्री होते।”
कानून व्यवस्था और ‘टीएमसी के गुंडों’ पर निशाना
राज्य के औद्योगीकरण और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राहुल ने कहा:
”पश्चिम बंगाल कभी उद्योगों का केंद्र हुआ करता था। पहले वामपंथियों और उसके बाद ममता बनर्जी ने राज्य के पूरे उद्योग को नष्ट कर दिया।”
महिलाओं पर अत्याचार और आरजी कर (RG Kar) मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब कोई जवाबदेही नहीं बची है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के गुंडे जो चाहते हैं, वही करते हैं और यहाँ कांग्रेस नेता तपन कुंडू की हत्या की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और टीएमसी दोनों हिंसा फैलाते हैं, जबकि कांग्रेस हिंसा, जाति या धर्म के आधार पर कभी अशांति नहीं फैलाती।
बेरोजगारी और ‘सिंडिकेट’ राज पर तंज
बेरोजगारी का मुद्दा: 2021 के चुनावी वादों की याद दिलाते हुए राहुल ने कहा कि टीएमसी ने 5 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। उन्होंने सवाल उठाया, “कितने लोगों को रोजगार मिला? कितनी संस्थाएं और कारखाने बंद हो गए? आज 84 लाख युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है।”
भ्रष्टाचार और सिंडिकेट: उन्होंने कहा, “अगर नरेंद्र मोदी भ्रष्ट हैं, तो टीएमसी भी भ्रष्टाचार की दौड़ में पीछे नहीं है।” उन्होंने शारदा चिटफंड (1900 करोड़ रुपये, 17 लाख निवेशक) और रोज वैली घोटाले (6600 करोड़ रुपये, 31 लाख निवेशक) का हवाला देते हुए कहा कि लोगों का पैसा अभी तक नहीं लौटाया गया है। कोयला तस्करी, अवैध खनन और ‘गुंडा टैक्स’ का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इन सबका फायदा सिर्फ टीएमसी के ‘सिंडिकेट’ को मिल रहा है, बंगाल की आम जनता को इससे कोई लाभ नहीं है।








