





पश्चिम बंगाल के शिक्षा विभाग ने एक कड़ा निर्देश जारी किया है, जिसके तहत राज्य के सरकारी, सरकार द्वारा प्रायोजित और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक अब प्राइवेट ट्यूशन नहीं पढ़ा सकेंगे।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, विकास भवन की ओर से इस तरह के निर्देश पहले भी जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, आरोप यह है कि पिछली बार इन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा सका था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य सरकार को एक नोटिस भेजा है।

शिकायत में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का एक गुट ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ (Right to Education Act) की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने में लिप्त है। इस नए नोटिस और निर्देश के बाद उम्मीद की जा रही है कि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।





