नकली पनीर की बिक्री पर कसेगा शिकंजा: नॉन-मिल्क फैट से बने ‘एनालॉग पनीर’ पर रोक लगाने का प्रस्ताव

September 24, 2026 8:59 PM

​नई दिल्ली: बाजार में पनीर के नाम पर बेचे जा रहे मिलावटी और कृत्रिम उत्पादों पर लगाम लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा नियामक ने एक बड़ा कदम उठाया है। नियामक संस्था ने गैर-दूधिया घटकों (नॉन-मिल्क फैट या अन्य तत्वों) से तैयार होने वाले ‘एनालॉग पनीर’ (Analogue Paneer) के निर्माण, विपणन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र (Gazette of India) में मसौदा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

​उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा का उद्देश्य

​अक्सर देखा जाता है कि बाजार और रेस्टोरेंट्स में दूध से बने असली पनीर की जगह वनस्पति तेल या गैर-डेयरी सामग्रियों से बना सिंथेटिक/एनालॉग उत्पाद परोसा जाता है। आम उपभोक्ता असली और नकली पनीर में फर्क नहीं समझ पाते, जिससे न केवल उनके साथ धोखा होता है बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है।

​नियामक का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और डेयरी उत्पादों के नाम पर होने वाले इस भ्रामक प्रचार पर पूरी तरह रोक लगाना है।

​प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:

​’पनीर’ नाम के उपयोग पर रोक: डेयरी एनालॉग श्रेणी के तहत पंजीकृत या लाइसेंस प्राप्त किसी भी उत्पाद के लेबल, पैकेजिंग या मार्केटिंग में ‘पनीर’ शब्द का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

​सख्त कानूनी प्रावधान: खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर प्रतिबंध और प्रतिबंध) नियमों में संशोधन कर ऐसे उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है।

​पारदर्शिता सुनिश्चित करना: यदि कोई उत्पाद शुद्ध दूध से नहीं बना है, तो उसे किसी भी हाल में पनीर के रूप में बाजार में नहीं बेचा जा सकेगा।

​राजपत्र में प्रकाशित इस मसौदे पर सभी संबंधित पक्षों और आम जनता से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं, जिसके बाद इसे अंतिम रूप देकर देशभर में सख्ती से लागू किया जाएगा। इस कदम से आम उपभोक्ताओं को शुद्ध डेयरी उत्पाद मिलेंगे और पनीर के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर काफी हद तक रोक लगेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment