





कोलकाता: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। दक्षिण 24 परगना जिले की फलबा (Falta) विधानसभा सीट पर पिछले दिनों हुए मतदान को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। आयोग के इस ‘बेमिसाल’ फैसले के बाद अब इस सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान (Re-polling) कराया जाएगा।



निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 29 अप्रैल को फलबा विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान व्यापक स्तर पर अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। मुख्य रूप से विपक्षी दलों ने कई बूथों पर धांधली का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया था। शुरुआत में राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने लगभग 59 से 60 बूथों पर पुनर्मतदान का प्रस्ताव राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा था। हालांकि, शिकायतों की गंभीरता और जांच के बाद आयोग ने पूरी विधानसभा का चुनाव ही रद्द करने का निर्णय लिया है।
क्यों लिया गया यह सख्त कदम?
सूत्रों और रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस पर्यवेक्षकों के साथ हुई झड़प की घटनाओं ने आयोग को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश से आए पुलिस पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा और स्थानीय उम्मीदवारों के बीच हुए विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। आयोग ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी 285 बूथों पर फिर से वोट डाले जाएंगे।
चुनाव और नतीजों का नया शेड्यूल
आयोग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार मतदान का समय और परिणाम की तारीखें इस प्रकार होंगी:
पुनर्मतदान की तारीख: 21 मई (मंगलवार)
मतदान का समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
राज्य की अन्य 293 सीटों का परिणाम: आगामी सोमवार
फलबा सीट का विशेष परिणाम: 24 मई
निर्वाचन आयोग ने पहले ही संकेत दिया था कि यदि किसी क्षेत्र में अत्यधिक अशांति या धांधली की पुष्टि होती है, तो वहां के परिणामों को रोका जा सकता है। आयोग का यह कदम राज्य में स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया को बनाए रखने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।






