





पश्चिम मेदिनीपुर जिले में आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन के अनुसार, लगभग 52,000 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा, लगभग 1,000 नाम अभी भी एडजुडिकेशन यानी निर्णय प्रक्रिया के कारण लंबित पड़े हैं।



सोमवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में जिला मजिस्ट्रेट (DM) बिजिन कृष्णा ने इस स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के नाम कटे हैं, उनमें से लगभग 20,000 लोगों ने पहले ही ट्रिब्यूनल में अपील दायर कर दी है।

क्या ये मतदाता दे पाएंगे वोट?
मतदाताओं के बीच इस बात को लेकर काफी चिंता और भ्रम था कि क्या उन्हें विदेशी घोषित कर दिया जाएगा या क्या वे इस चुनाव में मतदान कर पाएंगे। DM बिजिन कृष्णा ने स्पष्ट किया कि चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है और नई सूची प्रकाशित होने की संभावना न के बराबर है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जिन लोगों के नाम वर्तमान मतदाता सूची में नहीं हैं, वे इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे। प्रभावित लोग फॉर्म-6 भरकर या ट्रिब्यूनल के माध्यम से आवेदन करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा।
केशपुर में भारी सुरक्षा बल के साथ ‘रूट मार्च’:
चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिले के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले इलाके केशपुर में सोमवार को DM बिजिन कृष्णा, पुलिस अधीक्षक (SP) पापिया सुल्ताना और CRPF के कमांडिंग ऑफिसर साइलो एस. महाराणा ने संयुक्त रूप से रूट मार्च किया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं के मन से डर निकालना और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाना था।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस बार चुनाव पूरी तरह से भयमुक्त और हिंसा मुक्त होंगे। किसी भी समस्या या डराने-धकाने की स्थिति में नागरिकों को हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करने की सलाह दी गई है। SP पापिया सुल्ताना ने विशेष रूप से युवाओं से संवाद किया और आश्वासन दिया कि पुलिस आम जनता की सुरक्षा के लिए हमेशा साथ है।
प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रतिबद्ध हैं और सुरक्षा बल हर कोने पर तैनात रहेंगे ताकि हर वैध मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।









