





पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और धार्मिक प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार के इस हालिया फैसले से लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्य रूप से महंगाई भत्ते (DA) के बकाये के भुगतान और पुरोहितों व मोअज्जिनों के मासिक मानदेय में वृद्धि पर मुहर लगा दी गई है।



सरकारी कर्मचारियों के DA एरियर का भुगतान शुरू:-

राज्य के सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मार्च 2026 से ही बकाया महंगाई भत्ते (DA Arrears) का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। इस निर्णय का लाभ केवल मौजूदा सरकारी कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि राज्य के पेंशनभोगियों, शिक्षकों, शिक्षाकर्मियों और नगरपालिकाओं व पंचायतों जैसे अनुदान प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। वित्त विभाग के अनुसार, 2009 के ROPA ढांचे के आधार पर इस बकाये राशि को व्यवस्थित तरीके से खातों में भेजा जाएगा।
पुरोहितों और मोअज्जिनों के मानदेय में ₹500 का इजाफा:-
सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य सरकार ने धार्मिक प्रतिनिधियों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने पुरोहितों और मोअज्जिनों को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि में ₹500 की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब तक इन प्रतिनिधियों को ₹1,500 प्रति माह का भत्ता दिया जाता था, जो अब बढ़कर ₹2,000 प्रति माह हो जाएगा। इसके साथ ही, जिन नए आवेदकों ने हाल ही में आवेदन फॉर्म जमा किए थे, सरकार ने उन सभी को भी मंजूरी दे दी है, जिससे लाभार्थियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी।
निष्कर्ष:-
पश्चिम बंगाल सरकार के इस कदम को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। विशेष रूप से चुनाव से पहले की गई इन घोषणाओं से राज्य के मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के धार्मिक सेवादारों में उत्साह का माहौल है। सरकार का लक्ष्य इस आर्थिक सहायता के जरिए लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।









