





पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) यानी SUCI (C) ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने राज्य की कुल 294 सीटों में से अब तक 230 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है।SUCI (C) नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे इस बार किसी भी बड़े राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनने के बजाय स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी का मुख्य एजेंडा जनविरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करना है।



आम जनता के मुद्दों पर फोकस:-

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है जो लंबे समय से जमीनी स्तर पर जन आंदोलनों से जुड़े रहे हैं। SUCI (C) का मानना है कि राज्य में सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्षी दल दोनों ही आम लोगों की बुनियादी समस्याओं को हल करने में विफल रहे हैं। ऐसे में वे एक वैकल्पिक राजनीति पेश करना चाहते हैं।
चुनावी समीकरण पर प्रभाव:-
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि SUCI (C) द्वारा इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार उतारने से कई सीटों पर त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और श्रमिक बहुल इलाकों में, जहाँ पार्टी का संगठन मजबूत है, वहां यह बड़े राजनीतिक दलों के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है।राज्य के विभिन्न जिलों में पार्टी उम्मीदवारों ने अपना जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी का कहना है कि वे बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा-स्वास्थ्य के निजीकरण जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।






