





LPG ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक आधार ई-केवाईसी (e-KYC): भ्रांतियां और सच्चाई
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (e-KYC) को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। सोशल मीडिया और समाचारों में चल रही भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए सरकार ने साफ किया है कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि एक चल रही प्रक्रिया है।



क्या ई-केवाईसी (e-KYC) सभी के लिए अनिवार्य है?
मंत्रालय के अनुसार, ई-केवाईसी की आवश्यकता मुख्य रूप से उन ग्राहकों के लिए है जिन्होंने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है। इसे दो श्रेणियों में समझा जा सकता है:

- गैर-उज्ज्वला (Non-PMUY) ग्राहक: यदि आपने पहले ही ई-केवाईसी कर लिया है, तो आपको इसे दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।
- उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थी: इन लाभार्थियों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक बार ई-केवाईसी करना अनिवार्य है। यह मुख्य रूप से 8वीं और 9वीं रिफिल पर मिलने वाली ₹300 की लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) प्राप्त करने के लिए जरूरी है।
ई-केवाईसी न करने पर क्या होगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी न होने की स्थिति में भी गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, सब्सिडी पर इसका असर पड़ सकता है:
- उज्ज्वला लाभार्थियों को 7वीं रिफिल तक सब्सिडी मिलती रहेगी, लेकिन 8वीं रिफिल से यह रुक जाएगी।
- ई-केवाईसी पूरा होते ही रुकी हुई सब्सिडी वापस मिल जाएगी।
घर बैठे कैसे करें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण?
अब आप बिना गैस एजेंसी जाए, अपने स्मार्टफोन से ही यह प्रक्रिया मुफ्त में पूरी कर सकते हैं:
- वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले pmuy.gov.in/e-kyc.html पर जाएं या दिए गए QR कोड को स्कैन करें।
- ऐप डाउनलोड करें: अपने प्ले स्टोर से अपनी गैस कंपनी का ऐप (जैसे: IndianOil ONE, Hello BPCL, या HP Pay) और साथ में ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप डाउनलोड करें।
चेहरा स्कैन करें: कंपनी ऐप में दिए गए निर्देशों का पालन करें और ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप के जरिए अपना चेहरा स्कैन करके प्रक्रिया पूरी करें।

ई-केवाईसी के लाभ
यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, फर्जी (Ghost) कनेक्शनों को खत्म करती है और एलपीजी के गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद करती है।
अधिक जानकारी के लिए: आप अपने एलपीजी वितरक से संपर्क कर सकते हैं या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2333 555 पर कॉल कर सकते हैं।
Picture source Ministry of Petroleum social media handle






