





16 मार्च 2026 — पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि दिलीप घोष ने सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान दिए हैं जो न केवल राजनीतिक रूप से उकसाने वाले हैं, बल्कि हिंसा को भी बढ़ावा दे सकते हैं। पार्टी का कहना है कि ये बयान चुनाव के दौरान लागू मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आदर्श आचार संहिता) का स्पष्ट उल्लंघन हैं।



तृणमूल कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय (30B, हरीश चटर्जी स्ट्रीट, कोलकाता) से भेजी गई इस शिकायत में कहा गया है कि दिलीप घोष ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऐसे बयान दिए जिनमें पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की धमकी का संकेत मिलता है। शिकायत में कहा गया है कि इन बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग और मीडिया रिपोर्ट विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही हैं, और यह सब उस समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता पहले से लागू है।
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि दिलीप घोष ने एक वीडियो में बंगाली भाषा में ऐसा बयान दिया, जिसका आशय यह बताया गया है कि यदि श्यामपुकुर की विधायक और पश्चिम बंगाल सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा के आवास पर हमला हो सकता है, तो इसी तरह के हमले कालीघाट क्षेत्र में तथा कामरहाटी के विधायक मदन मित्रा के घर पर भी हो सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान न केवल आपत्तिजनक हैं बल्कि सीधे तौर पर धमकी देने वाले और उकसाने वाले भी हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को भेजी अपनी शिकायत में कहा है कि इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना सकते हैं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं। पार्टी का यह भी कहना है कि ऐसे बयान आम जनता में भय का माहौल पैदा कर सकते हैं और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।
शिकायत में चुनाव आयोग से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की मांग की गई है। तृणमूल कांग्रेस ने आयोग से आग्रह किया है कि दिलीप घोष के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(2) के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही आयोग से यह भी कहा गया है कि दिलीप घोष को चुनावी अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के धमकी भरे या हिंसा भड़काने वाले बयान देने से रोका जाए।
इसके अलावा पार्टी ने यह भी मांग की है कि शशि पांजा और मदन मित्रा के आवास तथा उनके चुनावी कार्यक्रमों के स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि कालीघाट और चेतला क्षेत्रों में आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी तत्काल सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा जाए और पार्टी को निर्देश दिया जाए कि उसके नेता, कार्यकर्ता और उम्मीदवार चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसक भाषा, धमकी या डराने-धमकाने वाली गतिविधियों से दूर रहें।
तृणमूल कांग्रेस ने यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और समाचार एजेंसियों को निर्देश दिया जाए कि वे इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाएं और भविष्य में ऐसे वीडियो या बयान को साझा करने से बचें। साथ ही दिलीप घोष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की गई है।
पार्टी के अनुसार, चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे, राजनीतिक दलों के बीच समान अवसर सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी से मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा प्रभावित न हो।
यह शिकायत तृणमूल कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन द्वारा हस्ताक्षरित बताई जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि चुनाव आयोग इस मामले में तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करेगा ताकि चुनावी माहौल शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बना रहे।







