





पश्चिम बंगाल की राजनीति के कद्दावर नेता और खड़गपुर सदर से भाजपा के घोषित उम्मीदवार दिलीप घोष ने बुधवार को अपने चुनाव प्रचार का धमाकेदार आगाज किया। उम्मीदवार के रूप में नाम की घोषणा होने के ठीक अगले दिन दिलीप घोष अपने पुराने कार्यक्षेत्र खड़गपुर पहुंचे, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।



चौरंगी से गोलबाजार तक शक्ति प्रदर्शन:-

बुधवार सुबह चौरंगी इलाके से एक विशाल मोटर बाइक रैली निकाली गई। इस रैली की खास बात यह थी कि दिलीप घोष अपने चिर-परिचित ‘दबंग’ अंदाज में खुद बुलेट चलाते हुए सबसे आगे नजर आए। भगवा झंडों से पटे इस जुलूस में सैकड़ों की संख्या में भाजपा समर्थकों ने हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह और गगनभेदी नारों के बीच यह रैली शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए गोलबाजार पहुंची।
धार्मिक अनुष्ठान के साथ शुरुआत:-
गोलबाजार पहुंचने के बाद दिलीप घोष सबसे पहले प्रसिद्ध राम मंदिर गए। वहाँ उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और अपनी जीत के लिए प्रार्थना की। राम मंदिर के बाद उनका काफिला खरिदा स्थित शोलापुरी माता मंदिर की ओर रवाना हुआ। चुनाव प्रचार के पहले ही दिन प्रमुख मंदिरों में दर्शन कर उन्होंने मतदाताओं के बीच अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का संदेश दिया।
संक्षिप्त पर सटीक संदेश:-
आमतौर पर तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले दिलीप घोष इस बार थोड़े संयमित लेकिन आत्मविश्वास से भरे दिखे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस बार की लड़ाई बेहद जोरदार होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि खड़गपुर भाजपा का गढ़ रहा है और इस बार भी यहाँ भाजपा ही भारी बहुमत से आगे रहेगी।
दिलीप घोष के इस शक्ति प्रदर्शन ने खड़गपुर की राजनीतिक सरगर्मी को तेज कर दिया है। उनके मैदान में उतरने से कार्यकर्ताओं में नया जोश देखा जा रहा है, जिससे आगामी चुनाव बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है।








