





पश्चिम मेदिनीपुर जिले में आगामी चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) बिजिन कृष्णा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिले की चुनावी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत विवरण साझा किया।



संवेदनशील बूथ और सुरक्षा बल:-

जिला मजिस्ट्रेट ने जानकारी दी कि वर्तमान आकलन के अनुसार जिले में 160 मतदान केंद्रों (बुथों) को ‘संवेदनशील’ श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा के आधार पर भविष्य में इन बूथों की संख्या में बदलाव हो सकता है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब तक केंद्रीय सुरक्षा बलों की 20 कंपनियां जिले में पहुँच चुकी हैं। इसके अलावा, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की निगरानी के लिए विशेष ऑब्जर्वर नियुक्त किए जा रहे हैं।
मतगणना केंद्रों का चयन:-
प्रशासन ने मतगणना और स्ट्रॉन्ग रूम के लिए स्थानों का चयन भी पूरा कर लिया है। दाँतन, नारायणगढ़, केशियाड़ी, खड़गपुर (ग्रामीण व शहर), पिंगला और डबरा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए केंद्रीय विद्यालय-2, खड़गपुर को केंद्र बनाया गया है। वहीं, दासपुर, घाटल और चंद्रकोना क्षेत्रों की मतगणना घाटल रवींद्र शताब्दी महाविद्यालय में होगी। गढ़बेता, शालबनी, मेदिनीपुर और केशपुर के लिए मेदिनीपुर कॉलेज को मतगणना केंद्र के रूप में चुना गया है।
पारदर्शिता और जन-सुविधा:-
चुनावों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला शासक ने घोषणा की है कि प्रत्येक बूथ पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। आम नागरिक चुनाव से जुड़ी किसी भी शिकायत को दर्ज कराने के लिए प्रशासन द्वारा जारी किए गए विशेष ‘फ्लाइंग फोन नंबर’ का उपयोग कर सकते हैं। प्रशासन का लक्ष्य एक ऐसा माहौल तैयार करना है जहाँ हर मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।










