





16 मई 2026: सड़क हादसों को रोकने और वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए मिदनापुर के कुईकोटा इलाके में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज स्थानीय निवासियों ने सड़क पर उतरकर ‘गांधीगिरी’ का रास्ता चुना। उन्होंने तेज गति से आ रही बसों, ट्रकों सहित विभिन्न वाहनों के ड्राइवरों को रोककर उनके हाथों में रसगुल्ले थमाए और मीठा मुंह कराकर अनुरोध किया कि वे इस इलाके में गाड़ियों की रफ्तार धीमी रखें।



स्थानीय सूत्रों के अनुसार, केरानीचटी से एलआईसी (LIC) मोड़ तक की सड़क पर हर दिन बसें, ट्रक और अन्य वाहन बेहद तेज गति से चलते हैं। इसके कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। कल भी कुईकोटा इलाके में एक बस की टक्कर से एक मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था।

आक्रोशित निवासियों का आरोप है कि इस सड़क पर यातायात को नियंत्रित करने और गति को धीमा करने के लिए कई बार पुलिस और प्रशासन को सूचित किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए आज वे खुद सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शन में शामिल एक स्थानीय निवासी राजा बारिक ने बताया,
”कुईकोटा के निवासियों की ओर से हमने यह पहल की है। यहाँ गाड़ियां बहुत ज्यादा ओवरस्पीडिंग और ओवरटेकिंग करती हैं, जिसकी वजह से हर दो दिन में हादसे हो रहे हैं। कल भी एक बड़ा हादसा हुआ है। आज हम ड्राइवरों को मिठाई खिलाकर अनुरोध कर रहे हैं कि वे रफ्तार कम करें। अगर इसके बाद भी गति नियंत्रित नहीं हुई, तो आने वाले समय में हम दूसरा रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।”
निवासियों ने यह भी कहा कि मिठाई खिलाकर जागरूक करने के साथ-साथ, वे इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर (बम्पर) बनाने के लिए प्रशासन को एक लिखित आवेदन भी सौंपेंगे।









