





पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में ‘ड्राई डे’ (Dry Days) की घोषणा की है। इस दौरान शराब की दुकानें और बार पूरी तरह बंद रहेंगे।



यहाँ चुनाव के चरणों के अनुसार शराब की दुकानें बंद रहने की विस्तृत जानकारी दी गई है:

चुनाव के चरणों के अनुसार बंदी की अवधि:
प्रथम चरण के लिए: पहले चरण के मतदान को देखते हुए 20 अप्रैल (सोमवार) की दोपहर से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में शराब की दुकानें और बार बंद कर दिए गए हैं। यह पाबंदी 23 अप्रैल तक लागू रहेगी। उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में रविवार रात से ही दुकानें बंद कर दी गई थीं।
द्वितीय चरण के लिए: जिन जिलों में दूसरे चरण का मतदान (29 अप्रैल) होना है, वहाँ भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, नदिया और पूर्व बर्धमान जैसे क्षेत्रों में 25 अप्रैल की शाम 6 बजे से लेकर 29 अप्रैल तक शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मतगणना का दिन: चुनाव के नतीजों यानी मतगणना के दिन, 4 मई को भी पूरे राज्य में शराब की दुकानें और बार बंद रहेंगे।
प्रशासन की सख्ती:
चुनाव आयोग इस बार विशेष रूप से सतर्क है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मतदान से लगभग 48 घंटे पहले और मतदान के दिन शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कई जिलों में सोमवार को आदेश मिलते ही आनन-फानन में दुकानें और बार बंद करा दिए गए।
मुख्य तिथियां एक नजर में:
•20 अप्रैल से 23 अप्रैल: प्रथम चरण के कारण बंदी।
•25 अप्रैल (शाम 6 बजे) से 29 अप्रैल: द्वितीय चरण के कारण बंदी।
•4 मई: मतगणना के कारण पूरे राज्य में पूर्ण बंदी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।








