





कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता पर अगले पांच साल कौन राज करेगा, इसका फैसला आज होने जा रहा है। राज्य की 293 सीटों (एक सीट छोड़कर) पर आज सुबह 8 बजे से मतगणना प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पूरे राज्य की निगाहें इस वक्त काउंटिंग सेंटर्स पर टिकी हैं, जहां ईवीएम (EVM) में कैद उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा खुलने वाला है।



काउंटिंग का शेड्यूल और प्रक्रिया

निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मतगणना की शुरुआत सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती से होगी। शुरूआती आधे घंटे यानी सुबह 8:30 बजे तक केवल पोस्टल बैलेट गिने जाएंगे। इसके बाद 8:30 बजे से ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी। इस दौरान पोस्टल बैलेट और ईवीएम दोनों की गणना साथ-साथ चलती रहेगी।
मतगणना केंद्रों की संख्या में बड़ा बदलाव
इस बार निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों (Counting Centers) की संख्या में उल्लेखनीय कमी की है। आंकड़ों के अनुसार:
वर्ष 2016 में 90 केंद्र थे।
वर्ष 2021 में यह संख्या 108 थी।
लेकिन 2026 के इस चुनाव में 294 सीटों के लिए केवल 77 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।
आयोग का कहना है कि स्थिति को देखते हुए केंद्रों की संख्या में और भी बदलाव किए जा सकते हैं। कोलकाता की 11 सीटों के लिए 5 केंद्रों पर गिनती होगी।
पर्यवेक्षकों की तैनाती और सुरक्षा
पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने बड़े पैमाने पर काउंटिंग ऑब्जर्वर (गणना पर्यवेक्षक) नियुक्त किए हैं। पूरे राज्य में कुल 432 पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।
सबसे अधिक पर्यवेक्षक: उत्तर 24 परगना जिले की 33 सीटों के लिए सबसे ज्यादा 49 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
सबसे कम पर्यवेक्षक: अलीपुरद्वार जिले में, जहां 5 सीटों के लिए 6 पर्यवेक्षक तैनात हैं।
प्रमुख जिलों में मतगणना केंद्रों की सूची:

कड़ा मुकाबला और जनता का जनादेश
बंगाल की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। एक तरफ जहां सत्ताधारी दल अपनी वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं विपक्षी दल ‘परिवर्तन’ के नारे के साथ मजबूती से दावा ठोक रहे हैं। दोपहर तक रुझान साफ होने की उम्मीद है कि बंगाल की जनता ने ‘प्रत्यावर्तन’ (वापसी) को चुना है या ‘परिवर्तन’ को।
सुरक्षा के लिहाज से सभी मतगणना केंद्रों पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।






