January 7, 2026

पश्चिम मेदिनीपुर में कर्ज न चुकाने पर महिला को खंभे से बांधकर पीटा, स्वयं सहायता समूह की सदस्यों पर आरोप

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पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबंग ब्लॉक से एक बेहद चौंकाने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है। यहाँ के देभोग ग्राम पंचायत के लुटुनिया गाँव में एक स्वयं सहायता समूह (SHG) की सह-नेता को कथित तौर पर पैसे के विवाद में एक खंभे से बांधकर प्रताड़ित किया गया और उनके साथ मारपीट की गई।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विवाद की जड़ दो साल पुराना एक बैंक ऋण (Loan) है। पीड़ित महिला ने करीब दो साल पहले स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बैंक से लगभग 3 लाख रुपये का कर्ज लिया था। आरोप है कि महिला ने पिछले दो वर्षों से न तो मूल राशि चुकाई और न ही उसका ब्याज भरा।

समूह की अन्य सदस्यों का दावा है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए 28 बार बैठकें बुलाई गईं और बैंक ने हाल ही में किस्तें न भरने के कारण समूह का खाता भी बंद कर दिया है। बैंक का कहना है कि जब तक बकाया राशि (लगभग 12,000 रुपये का तत्काल भुगतान) जमा नहीं की जाती, तब तक खाता फिर से नहीं खोला जाएगा।

अमानवीय व्यवहार और पुलिस की कार्रवाई

समूह की अन्य महिलाओं का आरोप है कि जब भी वे पीड़िता के घर पैसे मांगने जाती थीं, वह वहां से भाग जाती थी। सोमवार को जब वह महिला मिली, तो समूह की कुछ सदस्यों ने उसे पकड़ लिया और कथित तौर पर घसीटते हुए एक खंभे से बांध दिया। इसके बाद उनके साथ शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही सबंग थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को छुड़ाकर थाने ले गई। जिला पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, महिला को बचा लिया गया है, हालांकि अभी तक पीड़िता की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और मानवीय मूल्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने कहा है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। जिला परिषद की महिला एवं बाल कल्याण समिति ने भी इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया है और कहा है कि संबंधित विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए थी न कि हिंसा का सहारा लेना चाहिए था।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हिंसा में कौन-कौन शामिल था।

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