




जमीन धोखाधड़ी, नौकरी घोटाला और रंगदारी जैसे कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहे पूर्व जिला अध्यक्ष सुजय हाजरा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब उन पर खड़गपुर के एक व्यवसायी का रिसॉर्ट जलाकर राख करने का गंभीर आरोप लगा है, जिसके तहत उनके खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की गई है।


क्या है पूरा मामला?

खड़गपुर शहर के वार्ड नंबर 6 के निवासी व्यवसायी अमर प्रसाद पात्र ने खड़गपुर ग्रामीण थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। व्यवसायी द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
रंगदारी की मांग: अमर प्रसाद ने कंसावती नदी के किनारे एक इको-टूरिज्म रिसॉर्ट का निर्माण किया था। आरोप है कि सुजय हाजरा ने रिसॉर्ट को सुचारू रूप से चलाने देने के एवज में 30 लाख रुपये की मांग की थी।
धमकी और आगजनी: पैसे देने से इनकार करने पर व्यवसायी को लगातार धमकियां दी गईं। आरोप है कि पिछले साल अप्रैल महीने में हाजरा के इशारे पर कुछ बदमाशों ने रिसॉर्ट की बिजली लाइन काट दी और वहां आग लगा दी, जिससे व्यवसायी को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
जानलेवा हमला: आगजनी के साथ-साथ व्यवसायी की हत्या की साजिश रचने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
पहले शिकायत क्यों नहीं दर्ज हुई?
पीड़ित व्यवसायी का कहना है कि उस समय आरोपी का अत्यधिक राजनीतिक प्रभाव था। प्रशासन से किसी भी प्रकार की अनुमति या मदद न मिलने और डर के माहौल के कारण, वे उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा सके थे।
वर्तमान स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
आरोपी सुजय हाजरा पहले से ही अन्य मामलों में करीब एक महीने से पुलिस हिरासत में हैं। उन पर सालबनी, डेबरा और खड़गपुर टाउन थाने में पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। अब खड़गपुर ग्रामीण पुलिस इस नए मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी को इस मामले में भी रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन के वर्तमान रुख और भरोसे के बाद पीड़ित व्यवसायी को अब न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।







